उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, चार लोगों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो गई।
पौड़ी जिले की चाकीसैण तहसील के कैलाखुर गांव में गोशाला ढहने से महिला की मौत हो गई। जबकि, कुमाऊं में हुए अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हुई। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
बारिश के बीच चारधाम यात्रा जारी है, लेकिन कई जगह मार्ग बाधित होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार की शाम 5.30 बजे से चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ जिलों में अगले 36 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।
दिन भर बंद रहा बदरीनाथ हाईवे, दुश्वारियां बढ़ीं
शुक्रवार को दिनभर बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में नहीं खुल पाया। लामबगड़ से तीन किमी दूर बैनाकुली में भी बृहस्पतिवार रात तीन बजे हाईवे अवरुद्ध हो गया था। शुक्रवार को दोपहर दो बजे बीआरओ ने यहां वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश के चलते आधे घंटे बाद फिर मार्ग बाधित हो गया।
बैनाकुली से करीब 500 मीटर पैदल चलकर 285 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। उधर, 238 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। इनमें 72 यात्री हेलीकॉप्टर और बाकी पैदल धाम तक पहुंचे।
केदारनाथ धाम में मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर तीन घंटे तक उड़ान नहीं भर सका। मौसम में सुधार होने पर सवा चार बजे के बाद हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी पहुंचा।
फिलहाल यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है। शुक्रवार को 187 तीर्थयात्री गंगोत्री तथा 208 यमुनोत्री धाम पहुंचे।
इन नदियों में उफान से यूपी में बाढ़ का खतरा
भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। कालागढ़ में रामगंगा बांध का जलस्तर शुक्रवार को 355 मीटर पहुंच गया। इससे बिजनौर, मुरादाबाद समेत मैदानी क्षेत्र के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सूचना मिलते ही शुक्रवार को बिजनौर के डीएम, लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रामगंगा नदी के फ्लड जोन का दौरा किया।
कोटद्वार में खोह नदी में आमसौड़ के पास झील बन गई है। नदी के सामने पहाड़ी से आए मलबे ने नदी का मार्ग अवरुद्ध कर दिया है। कई मीटर लंबी इस झील के आकार में लगातार वृद्धि हो रही है। झील कोटद्वार के नदी किनारे बसे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
उत्तरकाशी में भी भागीरथी और इसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। असी गंगा में पानी बढ़ने से बेबरा और घट्टूगाड में बनी अस्थाई पुलिया बह गई जिससे छानियों में रह रहे ग्रामीण अलग-थलग पड़ गए हैं। लालढांग में पहाड़ी से पत्थर गिरने से गंगोत्री हाईवे पर यातायात जोखिम भरा हो गया है।