... तो बच सकती थी पिथौरागढ़ में हादसे की शिकार चार जिंदगियां
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रविवार को पिथौरागढ़ में कालामुनि और बेटुलीधार के बीच शनिवार रात हुए कार हादसे में जान गंवा चुकी चार जिंदगियां बच सकती थी। घायल खाई में पड़े हुए तड़पते रहे लेकिन उन्हें लेने 'जीवनदायिनी' पहुंची ही नहीं।
जानकारी के मुताबिक पीड़ितों की मदद के लिए 108 आपातकालीन सेवा नहीं मिल पाई। आधी रात के बाद जब कार दुर्घटना में घायल गणेश राम ने 108 आपातकालीन सेवा को फोन किया तो उनको जवाब मिला कि मुनस्यारी के 108 वाहन के चालक और फार्मेसिस्ट छुट्टी पर हैं।
इस कारण सेवा मिल पाना संभव नहीं है। उसके बाद थल से 108 आपात वाहन को मौके पर भेजा गया, लेकिन यह वाहन थल-मुनस्यारी सड़क चिफलवा के पास बंद होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाया। सूचना देने में इस कारण भी विलंब हुआ, क्योंकि कालामुनि और बेटुलीधार के बीच किसी भी संचार कंपनी का नेटवर्क नहीं है।
आपदा काल को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुनस्यारी की 108 आपात सेवा से लोगों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिलती। इससे पहले भी कई बार प्रसव पीड़ित महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को इस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया।
एक तरफ राज्य में आपदा काल को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगी है, दूसरी तरफ यहां की अति आवश्यक सेवा के कर्मचारी अवकाश पर चल रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत मिल जाती तो शायद कुछ की जान बच जाती। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल का कहना है कि कम से कम ऐसे मौकों पर तो लापरवाही नहीं होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।