स्कूल के गेट पर विस्फोटक लड़ी मिलने से हड़कंप, नरेंद्रा एंड कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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शहर के बल्लीवाला चौक स्थित ऐन मैरी स्कूल के गेट के पास बृहस्पतिवार सुबह चार विस्फोटक लड़ी मिलने से अफ रातफरी मच गई। बम निरोधक दस्ते और खुफिया तंत्र ने मौके पर पहुंच कर गहनता से जांच पड़ताल की।
सूत्रों का दावा है कि इस विस्फोटक लड़ी का प्रयोग बीएसएफ की ट्रेनिंग में प्रयुक्त की जाती है। विस्फोटक लड़ी स्कूल के बाहर फेंकने के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। इन तमाम संभावनाओं पर जांच पड़ताल चल रही है। पुलिस ने देर शाम विस्फोटक बनाने वाली नरेंद्रा एंड कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
बल्लीवाला चौक स्थित ऐन मैरी स्कूल के पास दोपहर करीब डेढ़ बजे राहगीरों को कोई संदिग्ध वस्तु दिखी। उन्होंने उसे करीब से देखा तो पाया कि वह विस्फोटक है। उन्होंने इसकी सूचना वसंत विहार थाना पुलिस को दी। स्कूल के बाहर बम की अफवाह से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने कॉल कर तत्काल बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया।
पूरे इलाके को सील कर गहनता से जांच पड़ताल की गई। मौके पर तीन लड़ियां पैकेट में बंद थीं, जबकि एक खुली थी। एक लड़ी में 60 पटाखे थे। जो एक-एक कर तेज आवाज में फटते हैं। टीम चार लड़ियों को अपने साथ जांच के लिए ले गई। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि विस्फोटक लड़ी बनाने वाली कंपनी के अधिकारी को भी मौके पर बुलाकर जांच पड़ताल कराई गई है।
यह लापरवाही का मामला है या फिर कोई साजिश यह तो जांच में ही साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस की तरफ से नरेंद्रा एंड कंपनी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। यह कंपनी प्रेमनगर के डूंगा में स्थित है। यहीं से बीएसएफ को डेमो में प्रयुक्त की जाने वाली विस्फोटक लड़ी सप्लाई की जाती है।
फिर दगा दे गया 100 नंबर
विस्फोटक से जानमाल को नहीं खतरा
विस्फोटक लो एक्सप्लोसिव का होने के कारण इससे सिर्फ तेज आवाज होती है। जो आर्मी की ट्रेनिंग में होने वाले डेमो में प्रयोग होता है। इससे किसी तरह के जान और माल का खतरा नहीं होता है। जांच पड़ताल में पता चला कि यह लॉट नंबर बीएसएफ टनकपुर ट्रेनिंग सेंटर में सप्लाई किया गया है। यह यहां कैसे पहुंचा, इसकी जांच पड़ताल कराई जा रही है। - अजय सिंह, एसपी सिटी
आग की वजह से रायपुर से हुई थी शिफ्ट
विस्फोटक लड़ी बनाने वाली नरेंद्रा एंड कंपनी की यह फैक्ट्री पहले रायपुर क्षेत्र में स्थित थी। लेकिन, भयंकर आग लगने के कारण इस फैक्ट्री को प्रेमनगर के डूंगा गांव में शिफ्ट कर दिया गया था।
बड़ा हादसा टला
समय रहते स्कूल गेट के बाहर विस्फोटक पदार्थ को कब्जे में लेने से बड़ा हादसा टल गया। लोगों के जेहन में यह सवाल उठ रहे हैं कि कहीं यह किसी की बड़ी साजिश तो नहीं। अगर ऐसा है तो पुलिस को अलर्ट होने की जरूरत है।
एक बार फिर से पुलिस का 100 नंबर दगा दे गया। सबसे पहले विस्फोटक समाजसेवी अजय गोयल और वाहन चालक सुरेंद्र ने देखा। उनके मुताबिक उन्होंने 100 नंबर पर फोन कर मामले की सूचना देनी चाही, लेकिन नंबर ही नहीं लगा।
काफी देर मशक्कत के बाद भी नंबर न लगने पर उन्होंने वसंत विहार थाना को इसकी सूचना दी। ऐसे में सूबे की चुस्त पुलिसिंग का दावा करने वाली दून पुलिस के दावे खोखले साबित होते दिखते हैं।