नैनीताल के पूर्व डीएम डॉ. राकेश कुमार विश्व के दस श्रेष्ठ अधिकारियों में शुमार
- लंदन स्कूल ने विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए चुना
- डॉ. राकेश 2004 से 2006 तक नैनीताल के डीएम रहे
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नैनीताल में वर्ष 2004 में डीएम रहे डॉ. राकेश कुमार को लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसिन ने विश्व के दस सर्वश्रेष्ठ सिविल अधिकारियों में शुमार करते हुए ग्लोबल हेल्थ लीडरशिप प्रोग्राम के अपने विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए चुना है।
डॉ. राकेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत में किये उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए बिल गेट्स फाउंडेशन ने उन्हें फंडिंग की है। डॉ. राकेश वर्तमान में यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम के एडिशनल कंट्री डायरेक्टर हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत उनकी लंदन में ट्रेनिंग हुई और अब जेनेवा और केपटाउन में भी बाकी है। उन्हें टीकाकरण पर उच्चस्तरीय शोध का प्रोजेक्ट भी करना है।
2004 से 2006 तक नैनीताल के डीएम रहे
डॉ. कुमार ने बताया कि विश्वभर से इस कार्यक्रम के लिए कई हजार लोगों ने आवेदन किया था। हालांकि उन्होंने आवेदन नहीं किया, किंतु टीकाकरण और सामाजिक स्वास्थ्य पर भारत में किये गए उनके कार्यों का स्वत: संज्ञान लेकर लंदन स्कूल ने उन्हें इसके लिए चुना और गेट्स फाउंडेशन ने फंडिंग भी की। डॉ. राकेश 2004 से 2006 तक नैनीताल के डीएम रहे।
स्वास्थ्य में सुधार के प्रति अपनी लगन के चलते वे डीएम रहने के दौरान भी नियमित रूप से मरीजों का ऑपरेशन किया करते थे। नैनीताल में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी उन्होंने अभियान चलाए। बाद में वे शासन में सचिव रहने के बाद केंद्र सरकार में चले गए गए थे। वर्ष 2015 में बच्चों के टीकाकरण संबंधी अभियान मिशन इंद्रधनुष की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की थी। अब उनके इस प्रशिक्षण और शोध प्रोजेक्ट का लाभ भारत को भी मिलेगा।