Uttarakhand: पूर्व सीएम हरीश रावत धरने पर बैठे, अतिक्रमण पर उठाए सवाल, बोले- गरीबों की आवाज दबा रही सरकार
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार की मनमानी का खामियाजा जनता भुगत रही है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे। उन्होंने कहा, कि सौ साल से भी पहले कुछ भूमिहीन पिछड़े और कृषक वर्ग के लोग आकर बंजर भूमि पर बसे। और अब सरकार उन्हें अतिक्रमण घोषित कर रही है। बिन्दुखत्ता में भी ऐसे ही लोग इसे राजस्व गांव घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनके मोर्चे में आज हम लोग भी शामिल हो रहे हैं।
#WATCH देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, "...100 साल से भी पहले कुछ भूमिहीन दलित पिछड़े और कृषक वर्ग के लोग आकर बंजर भूमि पर बसे। अब सरकार उन्हें अतिक्रमण घोषित कर रही है...बिन्दुखत्ता में भी ऐसे ही लोग इसे राजस्व गांव घोषित करने की मांग… pic.twitter.com/dWXYPJNZnp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इंडिया एलायंस के सहयोगियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया। हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार की मनमानी का खामियाजा जनता भुगत रही है। बिन्दुखाता सहित दर्जनों ऐसे खत्तों और गोटों को वन भूमि अतिक्रमण अघोषित के नाम पर बेघर करने के विरोध में आज हम यहां धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांग को अनसुना कर रही है।