फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Former Air Marshal and Indo Pak war Witness Told Pakistan Truth

भारत-पाक युद्ध के युद्धबंदी पूर्व एयर मार्शल बोले, चीन नहीं पाकिस्तान है देश के लिए असली खतरा

Sat, 05 Oct 2019 08:56 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 05 Oct 2019 08:56 AM IST
विज्ञापन
Former Air Marshal and Indo Pak war Witness Told Pakistan Truth
पूर्व एयर मार्शल केसी नंदा करिअप्पा - फोटो : अमर उजाला

भारत के लिए चीन से बड़ा खतरा पाकिस्तान है। चीन अब अरुणाचल को छोड़कर भारत के अन्य किसी हिस्से में विवाद नहीं कर रहा है। उत्तराखंड का जो बॉर्डर इलाका है, उस पर भी चीन ने कभी कोई क्लेम नहीं किया।

विज्ञापन


अगर उत्तराखंड में चीन की दिलचस्पी होती तो वह यहां अपनी गतिविधियां बढ़ाता लेकिन ऐसा नहीं है। साफ है कि बॉर्डर एरिया खाली होने का उस पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व एयर मार्शल केसी नंदा करिअप्पा ने यह बात कही। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सीमावर्ती गांव निश्चित तौर पर चीन के खिलाफ सेकेंड बॉर्डर की तरह हैं, लेकिन यहां चीन की ज्यादा मूवमेंट नहीं है। कुछेक मामलों को छोड़ दिया जाए तो यहां चीन सीधी दखलअंदाजी भी नहीं करता।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉर्डर के गांव आबाद रहे तो बेहतर है लेकिन अगर यह खाली भी हों तो बड़ा खतरा नहीं बनेंगे। इसके बजाय भारत की चिंता पाकिस्तान को लेकर होनी चाहिए। पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, वहां सेना कभी भी मनमानी कर सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सेना पर किसी का नियंत्रण नहीं है। यही कारण है कि कोई जनरल अपना कार्यकाल बढ़ा देता है तो कोई तख्ता पलटा देता है। 

बांटने पर था पाकिस्तान का जोर 

केसी नंदा करिअप्पा ने बताया कि वर्ष 1965 युद्ध के दौरान उन्हें कई अन्य भारतीय सैनिकों के साथ कैद कर लिया गया था। तब पाकिस्तान का पूरा जोर भारतीय सैनिकों को आपस में बांटने पर था।

यहां तक कि कई बार वह सिख रेजीमेंट के सैन्य अफसरों व सैनिकों को भारत के खिलाफ लड़ाई के लिए भी उकसाते। वह उन्हें खालिस्तान मूवमेंट में शामिल होने को कहते। हालांकि किसी भी भारतीय युद्धबंदी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। 

युद्धोन्माद भड़का रहा मीडिया 
पूर्व एयर मार्शल केसी नंदा करिअप्पा ने युद्धोन्माद भड़काने के लिए मीडिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया कई बार गैरजिम्मेदार ढंग से खबरें चलाता है। कई बार अधूरे व गलत तथ्यों पर खबरें चलाई जा रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed