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इन्वेस्टर मीट की एजेंसी चयन पर भी सवाल
अरविंद सिंह/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 19 Jun 2016 01:31 PM IST
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- फोटो : File
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फ्रांस के उद्योगपति उत्तराखंड में उद्योग लगाएं इसको लेकर पेरिस में सितंबर 2015 में प्रस्तावित ‘इन्वेस्टर मीट’ की एजेंसी के चयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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सूत्रों के अनुसार, सिडकुल ने खुद एजेंसी के चयन की जगह यूपी की सरकारी निर्माण एजेंसी यूपी निर्माण निगम के जरिये निजी एजेंसी का चयन किया। बताया जा रहा है कि एजेंसी के चयन में प्रदेश के एक मंत्री और आला नौकरशाह की भी अहम भूमिका रही है।
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सवाल उठता है कि यूपी निर्माण निगम के जरिये ही क्यों इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का चयन किया गया? जबकि सिडकुल खुद एजेंसी का चयन कर सकता था। वहीं, इस प्रकरण से मुख्य सचिव को अब तक अवगत नहीं कराया गया है।
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गौरतलब है कि इन्वेस्टर मीट हुए बिना ही इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 80 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, भुगतान की संस्तुति बोर्ड से नहीं ली गई। महज मौखिक आदेश पर कंपनी को इतनी बड़ी धनराशि का भुगतान कर दिया।
अमर उजाला ने 17 जून के अंक में मामले का खुलासा किया था। बताया जा रहा है कि एक मंत्री और आला नौकरशाह के कहने पर इन्वेस्टर मीट के आयोजन की जिम्मेदारी यूपी निर्माण निगम के जरिए मुंबई की निजी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘इंडो - फ्रेंच यूरोपियन ट्राइएंगल’ को सौपी गई थी। अब जबकि प्रकरण संज्ञान में आया है तो सिडकुल के अफसर भुगतान से जुड़ी पत्रावलियों पर पिछली तारीखों से संस्तुति कराने की फिराक में है।
दूसरी ओर, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह का कहना है कि सिडकुल अफसरों की ओर से इन्वेस्टर मीट के संबंध में कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई। वह जल्द ही सिडकुल अफसरों से इस संबंध में जानकारी लेंगे कि आखिरकार क्या प्रकरण हैं। यदि कुछ गड़बड़ हुआ है तो जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण निगम अफसरों ने साधी चुप्पी
मामला उजागर होने के बाद यूपी निर्माण निगम के अफसरों ने भी चुप्पी साध ली है। परियोजना से जुड़े एक अफसर से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उक्त अफसर ने यह तर्क देते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उसे कुछ भी पता नहीं है। वहीं, महाप्रबंधक एसएस शर्मा से भी संपर्क करने की कोशिश की गई तो लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
Published By : Nirmala Suyal