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वन भूमि पर राज्य को नहीं मिला 'अधिकार'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 24 Jan 2014 09:10 PM IST
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वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पांच हेक्टेयर तक की वन भूमि पर उत्तराखंड सरकार को सीधे हस्तक्षेप की अनुमति नहीं मिली है।
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मंत्रालय अब देहरादून में ही क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करेगा जिससे पांच हेक्टेयर तक के मामलों पर यहीं फैसला लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शुक्रवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री वीरप्पा मोइली से दिल्ली में मुलाकात की।
सीधे तौर फैसला लेने का अधिकार मांगा था
दिल्ली जाने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि नक्सल प्रभावित राज्यों की तर्ज पर राज्य सरकार को पहाड़ों में वन भूमि पर पांच हेक्टेयर तक सीधे तौर फैसला लेने का अधिकार दिया जाए।
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इसके पीछे सरकार का तर्क था कि क्लीयरेंस आदि को लेकर फाइलें दिल्ली जाएंगी और समय लगेगा। मंत्रालय ने शायद इसी को ध्यान में रखकर देहरादून में कार्यालय बनाने का फैसला लिया है।
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अधिसूचना शीघ्र जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय शीघ्र स्थापित करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कार्यालय शीघ्र स्थापित होने से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्र्यों में तेजी आएगी। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यालय की अधिसूचना शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उत्तरकाशी ईको-सेंसेटिव जाने के नोटिफिकेशन में राज्य सरकार केपक्ष पर विचार करने का अनुरोध किया। इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार की आपत्तियों पर पुर्नविचार का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वन मंत्रालय द्वारा जलविद्युत परियोजनाओं के पर्यावरण पर प्रभाव के अध्ययन के लिए बनाई गई समिति में उत्तराखंड सरकार का प्रतिनिधि नहीं है। इस पर मोइली ने अपनी सहमति दी है।
मुख्यमंत्री ने मंत्री से अनुरोध किया है कि कोई अंतिम निर्णय लेने से पूर्व आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट और गढ़वाल विश्वविद्यालय जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं के अध्ययनों पर भी दृष्टि रखें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार राजाजी नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में भी स्थापित कर रही है। केंद्रीय मंत्री को फरवरी में इसके उद्घाटन केलिए बुलाया है।
मुख्यमंत्री ने नेशनल पार्कों और अभ्यारण्यों के आसपास के क्षेत्रों में ईको-सेंसेटिव जोन केनिर्धारण केलिए तय की गई समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने रायपुर में बनने वाले विधानसभा भवन केलिए भी जल्द क्लीयरेंस की मांग की है। बैठक में मुख्य सचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव बीपी.पांडे प्रमुख सचिव वन एस.रामास्वामी आदि मौजूद थे।