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फॉरेस्ट गार्ड भर्ती मामला: कक्ष निरीक्षक ने ही छात्रों को कराई थी नकल, ऐसे बनाई थी योजना

Mon, 02 Mar 2020 06:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 02 Mar 2020 06:55 PM IST
सार

  • फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में लैब असिस्टेंट समेत चार दबोचे
  • बीएसएम इंटर कॉलेज में ड्यूटी के दौरान पेपर का फोटो खींचकर भेजा था बाहर
  • पेपर मिलने के बाद मुख्य आरोपी मुकेश सैनी ने ब्लूटूथ से करवाया पेपर साल्व

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Uttarahand: Forest guard recruitment Fraud, Exam Room Inspector and three others Arrested
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के रुड़की में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में पुलिस ने परीक्षा कक्ष निरीक्षक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कक्ष निरीक्षक ने मोबाइल से पेपर का फोटो खींचकर मुख्य आरोपी को दिया था। इसके बाद मुख्य आरोपी मुकेश सैनी ने ब्लूटूथ के जरिये पेपर सॉल्व कराया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

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सोमवार को सिविल लाइंस कोतवाली में एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 16 फरवरी को फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के लिए बीएसएम इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां लालढांग स्थित कुंवर प्रभा डिग्री कॉलेज के लैब असिस्टेंट रचित पुंडीर निवासी खंजरपुर, रुड़की की परीक्षा कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगी थी।
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नकल गिरोह के सरगना मुकेश सैनी ने योजना के तहत संदीप, राहुल और दीशांत धीमान को बुलाकर नकल की प्लानिंग की। इन्होंने ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल और प्री-एक्टीवेट सिम खरीदे थे। योजना के तहत सरगना मुकेश सैनी ने रचित पुंडीर से संपर्क किया। रचित ने अभ्यर्थी बनकर परीक्षा केंद्र में घुसे राहुल को मोबाइल से फोटो खिंचवाई और बाहर कर दिया। इसके बाद राहुल ने पेपर मुकेश सैनी को उपलब्ध करा दिया।
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योजना के तहत मुकेश सैनी सलेमपुर स्थित ग्लोबल इंडस्ट्री कारपोरेशन फैक्टरी पहुंचा। यहां से ब्लूटूथ के जरिये अभ्यर्थी संदीप पुंडीर निवासी खंजरपुर को नकल कराई। एसएसपी ने बताया कि ब्लूटूथ के जरिये मुकेश सैनी ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ से पहली और दूसरी पाली में परीक्षा कराई थी। एसएसपी ने बताया कि रचित पुंडीर, संदीप पुंडीर, राहुल निवासी डी कॉलोनी आईआईटी रुड़की, दीशांत धीमान निवासी खंजरपुर को पुलिस ने रविवार देर शाम रुड़की-मंगलौर के बीच कार के साथ गिरफ्तार कर लिया। चारों के पास ब्लूटूथ, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया गया है। मामले में अब तक छह लोग जेल जा चुके हैं।

चार लाख रुपये में होता था सौदा

एसएसपी ने बताया कि नकल के लिए दीशांत, राहुल, संदीप, मुकेश युवकों से संपर्क करते थे। इसके बाद ये लोग चार लाख में नकल कराने का सौदा तय कर मुकेश सैनी के पास लेकर जाते थे। उन्होंने बताया कि राहुल आठवीं पास है। इन लोगों ने किन-किन युवकों से संपर्क किया था, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही जिन कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बने थे, उनकी भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

फर्जी आईडी पर मुकेश को सिम देने वाले चार गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि मुकेश सैनी ने पुलिस से बचने के लिए नकली आईडी पर रुड़की से एक्टीवेट सिम खरीदे थे। रुड़की में विभिन्न कंपनियों के सड़क किनारे टेंट लगाकर सिम बेचने वाले अवनीश अहमद निवासी खंजरपुर, जियाउल रहमान निवासी ग्राम टांडा भनेड़ा, मंगलौर, साहिल निवासी सुनहरा रोड, रुड़की और रजत गोयल निवासी चावमंडी, रुड़की ने फर्जी आईडी पर एक सिम दो से 300 रुपये में बेचे थे। एसएसपी ने बताया कि चारों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसपी देहात एसके सिंह, मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसएसआई अभिनव शर्मा, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई मनोज नौटियाल, एसआई अशोक कुमार समेत प्रभाकर, दीपक नेगी और सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार, देवेंद्र भारती, मोहम्मद जाकिर, सुरेश रमोला, अशोक, महिपाल, नितिन, रविंद्र खत्री। वहीं, पुलिस टीम को डीआईजी की ओर से पांच हजार और एसएसपी की ओर से ढाई हजार रुपये नकद ईनाम दिया गया है। 

भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि समेत तीन के घर दबिश
एसआईटी जांच में इस मामले में एक भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि समेत तीन लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पौड़ी एसआईटी की टीम ने सांसद के पूर्व प्रतिनिधि के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। इतना ही नहीं पुलिस ने दो अन्य लोगों के घर पर भी दबिश दी। ये लोग भी अपने-अपने घर से फरार थे। तीनों के नहीं मिलने पर एसआईटी की टीम वापस लौट गई। वहीं, मामले में भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि का नाम सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

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