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वन विभाग की कवायद, पहली बार मगरमच्छों की गिनती

Fri, 06 Feb 2015 12:02 PM IST
सतपाल चौधरी / अमर उजाला, देहरादून
सतपाल चौधरी / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 06 Feb 2015 12:02 PM IST
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forest department count crocodile.

उत्तराखंड में पहली बार मगरमच्छों, घड़ियालों की गिनती शुरू हो गई है। भारतीय वन्य जीव संस्थान के सहयोग से पहली बार यह कार्य हो रहा है।

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साल के अंत तक पता चल जाएगा कि राज्य में कितने मगरमच्छ, घड़ियाल हैं। इस कार्य के लिए वन कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। दरअसल, प्राकृतिक जलाशयों में रहने वाले जीवों की गणना का कार्य वन विभाग ने शुरू किया है, इन्हीं में पहली बार मगरमच्छों, घड़ियालों को जगह दी है।
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इनकी अधिक संख्या कार्बेट नेशनल पार्क में पाए जाने की उम्मीद जताई गई है। प्रमुख वन संरक्षक, वन्य जीव उत्तराखंड अनिल कुमार दत्ता के अनुसार हरिद्वार, लक्सर, शारदा नदी तथा तराई क्षेत्रों में भी इनके होने की संभावना  है, हालांकि दून में इनके मिलने के आसार कम ही हैं।
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सूची में शामिल हैं 10 प्राणी
गणना की सूची में 10 वन्य प्राणियों को शामिल किया गया है। इनमें गुलदार, हाथी, घड़ियाल, मगरमच्छ, बंदर, संाभर, जंगली सुअर, नील गाय, मोनाल, स्नो लैपर्ड शामिल हैं। यह कार्य चरणबद्घ तरीके से होना है।


पहले हुआ था विवाद
इससे पूर्व वन विभाग द्वारा तकरीबन सात साल पहले सन् 2008 में भी वन्य प्राणियों की गिनती की गई थी, लेकिन कुछ संगठनों द्वारा इसके तरीके की आलोचना के बाद नतीजे को रोक दिया गया था।

बाघों के मामले में दूसरा स्थान
हाल ही में बाघों की गणना के नतीजे सार्वजनिक किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड 340 बाघों की आबादी के साथ कर्नाटक के बाद दूसरे स्थान पर रहा है।

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