उत्तराखंड: दो साल में आठ वर्ग किलोमीटर बढ़ा फॉरेस्ट कवर, पौध रोपण रही वजह
- भारतीय वन सर्वेक्षण के द्विवार्षिक सर्वे में हुआ खुलासा
- रिपोर्ट में वनाग्नि की घटनाओं पर भी जताई गई है चिंता
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विस्तार
भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में पिछले दो सालों में फारेस्ट कवर 8.04 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 24303.04 वर्ग किलोमीटर का फारेस्ट कवर है जो कि प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 45.44 प्रतिशत है।
2017 की रिपोर्ट की तुलना में प्रदेश में 8.04 वर्ग किलोमीटर फारेस्ट कवर बढ़ा है। यह विस्तार पौध रोपण की वजह से अधिक हुआ है। प्रदेश में जैव विविधता का आकलन भी रिपोर्ट में किया गया है। यह पाया गया है कि पेड़ों की 112, झाड़ियां 73 और 94 प्रजातियां हर्ब की पाई गई हैं।
जंगल की आग पहुंचा रही खासा नुकसान
रिपोर्ट में वनाग्नि की घटनाओं पर चिंता जताई गई है। प्रदेश में 1.06 प्रतिशत वन क्षेत्र में जंगल की आग खासा नुकसान पहुंचा रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रदेश में 57 हजार हेक्टेयर बंजर भूमि है। यह भी सामने आया है कि प्रदेश में 2015 से लेकर 2019 के बीच 2850.87 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण गैर वानिकी कार्यों के लिए किया गया।
रिपोर्ट में वन पंचायतों की प्रशंसा
रिपोर्ट में प्रदेश में वन पंचायतों की प्रशंसा भी की गई है। बताया गया है प्रदेश में 12167 वन पंचायतें हैं जो 7.32688 लाख हेक्टेयर वनों का प्रबंधन कर रही हैं।