अब भारतीय अदालतों में नजर आएंगे विदेशी वकील
- बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नियमावली तैयार कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा
- अपने देश की कंपनियों के मामलों में पैरवी की मिलेगी अनुमति
- भारतीय कंपनियों भी विदेश में ले सकेंगी देश के वकीलों की सेवाएं
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अब विदेशी वकील भी भारतीय अदालतों में मुकदमों की पैरवी करते नजर आएंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसके लिए नियमावली तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही भारतीय लॉ फर्म भी विदेशों में मुकदमों की पैरवी कर सकेंगी। केंद्रीय कानून मंत्रालय बीसीआई के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
ऐसी कई विदेशी कंपनियां भारत में व्यापार कर रही हैं जिनका मुख्यालय अपने देश में है। प्रस्ताव यह है कि ऐसी कंपनियों के मुकदमों की पैरवी संबंधित देश में रजिस्टर्ड लॉ फर्म व कंपनियां भारत में कर सकें। ठीक इसी तरह विदेशों में व्यापार कर रही भारतीय कंपनियां किसी भी देश में मुकदमे की पैरवी के लिए भारत के वकीलों की सेवाएं ले सकेंगी।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि विदेशी लॉ फर्म भारतीय कानून में दखल अंदाजी नहीं कर सकेंगी। वे कंपनी लॉ व अपने देश की कंपनियों से संबंधित मामलों में भी पैरवी कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए नियमावली बनाकर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को प्रस्ताव दिया जा चुका है।
फर्जी वकीलों के खिलाफ होगी एफआईआर
नियमावली बनाना बीसीआई का अधिकार है, केंद्र सरकार इस मसले पर केवल सुझाव दे सकती है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि देश के विकास के लिए यह नियमावली अहम होगी। देखने में आया है कि इस तरह की व्यवस्था न होने से कई कंपनियां भारत में व्यापार नहीं कर रही हैं।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि देश भर में वकीलों का सत्यापन कराया जा रहा है। यदि किसी वकील के फर्जी होने का मामला सामने आया तो उसका न सिर्फ लाइसेंस निरस्त किया जाएगा बल्कि बीसीआई की ओर से उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।