बार-बार आधार कार्ड अपडेट कराया तो लगानी पड़ेगी दिल्ली की दौड़, पढ़ें पूरी खबर
-एक सीमा से ज्यादा अपडेट करने पर यूआईडीएआई ने शुरू की वेरिफिकेशन की व्यवस्था
-जन्मतिथि, नाम, पता और जेंडर में करा सकते हैं अपडेशन
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अगर आपने बार-बार अपना आधार कार्ड अपडेट कराया तो भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के दिल्ली कार्यालय जाना पड़ेगा। वहां आपके सभी दस्तावेज चेक किए जाएंगे। इसके बाद ही आधार कार्ड अपडेट होगा।
सोमवार को दून पहुंचे यूआईडीएआई दिल्ली के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार ने आधार अपडेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर किसी भी फील्ड में आधार अपडेट कराना है तो उसके लिए ओरिजनल दस्तावेज होने जरूरी हैं।
ये नियम होंगे लागू
उन्होंने बताया कि जन्मतिथि में केवल एक बार ही संशोधन कराया जा सकता है। नाम, जेंडर में भी एक बार ही संशोधन कराया जा सकता है। अगर जन्मतिथि, नाम और जेंडर में इससे अधिक बार संशोधन कराने का प्रयास किया जाएगा तो इसके लिए अब वेरिफिकेशन की प्रक्रिया लागू कर दी गई है।
निर्धारित सीमा से अधिक बार संशोधन करने की स्थिति में आवेदक को यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचना होगा। वहां अपने सभी दस्तावेज दिखाने के बाद ही आधार अपडेशन पर फैसला होगा।
अब बीएसएनएल भी बनवाएगा आधार
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अब आधार भी बनवाएगा। इसके लिए दून में बीएसएनएल के आधार सेवा केंद्र की शुरुआत हो गई। प्रदेश में ऐसे 34 केंद्र खोले जाएंगे। सोमवार को क्रॉस रोड स्थित निगम में कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ उत्तराखंड सर्किल के सीजीएमटी एचके वर्मा और यूआईडीएआई के डीडीजी दिल्ली प्रदीप कुमार ने किया।
उन्होंने बताया कि सूबे में 34 आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे। खास बात यह भी है कि पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए आधार पंजीकरण और बायोमीट्रिक सुविधा मुफ्त दी जाएगी। इससे अलग पता, मोबाइल नंबर, नाम, जेंडर, जन्म तिथि और ई-मेल में परिवर्तन के लिए 50 रुपये शुल्क देना होगा। इसी प्रकार फोटोग्राफ और फिंगरप्रिंट अपडेट के लिए भी 50 रुपये शुल्क देना होगा।
इस शर्त पर KYC के लिए बैंक कर सकेंगे आधार कार्ड का उपयोग
आरबीआई ने दिया बयान
इस संदर्भ में केंद्रीय बैंक ने केवीईसी पर संशोधित मास्टर निर्देशन में कहा, 'बैंक को ऐसे व्यक्तियों का आधार सत्यापन या ऑफलाइन सत्यापन करने की अनुमति दी गई है, जो स्वेच्छा से अपने आधार का उपयोग पहचान को प्रमाणित करने के लिए करना चाहते हैं।'
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी थी मंजूरी
दरअसल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फरवरी में बैंक खाते खोलने और मोबाइल फोन कनेक्शन लेने के लिए पहचान प्रमाण के रूप में आधार के स्वैच्छिक उपयोग की अनुमति देने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी थी।
अध्यादेश को एक विधेयक के रूप में पेश किया था, जिसे चार जनवरी को लोकसभा में पारित कर दिया गया था, लेकिन राज्यसभा में यह लंबित पड़ा था। आरबीआई ने कहा कि आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेजों की सूची में 'आधार को प्रमाण' के रूप में जोड़ा गया है।
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