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साधुओं ने शिव की नगरी में चलाया गोरखधंधा!

अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 25 Oct 2013 11:31 PM IST
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flats built in the name of the ashram

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अखाड़ों की कुंभ मेला भूमि पर आश्रम के नाम पर बिल्डरों से मिलकर बहुमंजिले फ्लैट (अपार्टमेंट) निर्माण का गोरखधंधा धर्मनगरी हरिद्वार में धड़ल्ले से चल रहा है।
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सभी अखाड़ों की कुंभ शिविरों की भूमि पर बिल्डरों ने आलीशान फ्लैट्स बनाकर लाखों रुपये की पगड़ी लेकर बेच दिए हैं। धर्मनगरी के अंदर अब कुंभ-अर्द्धकुंभ तथा अन्य लक्खी मेलों, स्नान पर्वों तक के लिए जगह नहीं बची है।
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ट्रस्टियों के गठजोड़ का पर्दाफाश
ट्रस्टियों व बिल्डरों के खेल को फलने-फूलने देने के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने जागने में बहुत देर कर दी। अब उसने बिल्डरों व ट्रस्टियों के गठजोड़ का पर्दाफाश किया है।

आश्रम की आड़ में फ्लैट्स निर्माण पर रोक लगाने के लिए हविप्रा ने उपविधियां बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। बुधवार को बोर्ड की बैठक हो जाती तो यह प्रस्ताव पास होकर शासन को भेज दिया जाता है, लेकिन अब इसके लिए अगली बोर्ड बैठक का इंतजार करना पड़ेगा।

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गंगातट से 200 मीटर दूरी
प्रस्ताव में साफ किया गया है कि हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र में गंगातट से 200 मीटर दूरी के अंदर सामान्य निर्माण शासनादेशानुसार प्रतिबंधित किया गया है, परंतु इन स्थानों के धार्मिक स्वरूप एवं मठ-मंदिर आश्रमों को सार्वजनिक सुविधाओं का भाग मानते हुए कतिपय शर्तों के साथ इनका निर्माण अनुमन्य किया गया है।

इसकी आड़ में आश्रमों से जुड़े कुछ ट्रस्टी और बिल्डर्स व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए छूट का लाभ उठा रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक नियम होने चाहिएं।

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सरकार को नहीं मिलता राजस्व
कुंभ नगरी में आश्रम की आड़ में फ्लैट्स निर्माण ने ग्रुप हाउसिंग का रूप ले लिया है। जिन्हें पगड़ी के रूप में एक बड़ी धनराशि तथा कुछ किराया निर्धारित कर कब्जा दिया जाता है।

लेकिन वे किसी मानक को पूर्ण नहीं करते हैं, उनके क्रय-विक्रय से सरकार को राजस्व भी प्राप्त नहीं होता है। इन आश्रमों का उपयोग सार्वजनिक सुविधा के लिए भी नहीं हो पाता है और कुंभ जैसे महापर्वों पर अनेक प्रकार की समस्याएं खड़ी होती हैं।

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सेफ पार्किंग में हो रहा बड़ा निर्माण

निरंजनी अखाड़ा क्षेत्र में सेफ पार्किंग के साथ आश्रम की आड़ में बिल्डर द्वारा विशाल निर्माण का कार्य वर्तमान में भी चल रहा है। जूना अखाड़ा में होटल और फ्लैट, निर्मल अखाड़ा, बड़ा अखाड़ा, निर्मल संतपुरा, महानिर्माणी अखाड़ा की कुंभ भूमि में दुकानों के साथ आलीशान फ्लैट्स बनाए गए हैं।
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