छप्पर छोड़ अब फ्लैटों में रहेंगे लोहार
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मलिन बस्तीवासियों के लिए बने बेसिक सर्विस फॉर पूवर अर्बन फ्लैटों में अब सड़क किनारे लोहार का काम करने वाले भेल बिरादरी के लोग रहेंगे।
मलिन बस्तीवासियों के इन फ्लैटों में शिफ्ट न होने पर निगम यह प्रस्ताव शासन को भेज रहा है। इन लोगों के फ्लैटों में शिफ्ट हो जाने पर शहर की सड़कों से काफी हद तक अतिक्रमण साफ हो जाएगा।
जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहर की मलिन बस्तीवासियों को बीएसयूपी फ्लैट आवंटित किए जाने थे। इसके पीछे केंद्र सरकार की अवधारणा थी कि देहरादून को ‘स्लम फ्री’ करने के साथ ही बिंदाल और रिस्पना नदियों को साफ सुधरा रखा जाए।
लेकिन इसी दौरान राज्य सरकार ने बस्तियों के नियमितीकरण का शासनादेश जारी कर दिया। उसके बाद कोई भी बस्तीवासी इन फ्लैटों में जाने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में ब्रह्मपुरी में करोड़ों की लागत से बने 58 फ्लैट खाली पड़े हैं।
मेयर विनोद चमोली ने दी जानकारी
शनिवार को मेयर विनोद चमोली ने भेल बिरादरी के लोगों को निगम में बुलाकर इस प्रस्ताव की जानकारी दी, जिसपर उन्होंने हामी भर दी। मेयर ने बताया कि भेल बिरादरी के परिवारों का सर्वे कर उन्हें फ्लैटों में शिफ्ट किया जा सकता है। एनओसी प्राप्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
काम के लिए भी मिलेगी जगह
अभी तक दून में रायपुर रोड, हरिद्वार बाईपास और लालपुल के पास लौहार सड़क किनारे छप्पर डाल कर रहते हैं और यहीं लोहे के औजार आदि बनाने का काम करते हैं।
इन लोगों को फ्लैटों में शिफ्ट करने के साथ ही काम करने के लिए शहर में स्थान निर्धारित किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसके लिए सर्वे होगा। इनमें से कई परिवार 40 साल से ज्यादा समय से शहर में रह रहे हैं। इनके पास राशनकार्ड के साथ ही अन्य जरूरी दस्तावेज भी हैं।