इस जेल में कैदियों को मिलती है 'फाइव स्टार' फैसिलिटी
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राजधानी देहरादून के जिला कारागार में कैदियों को फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं महैया कराई जाती है। यह कहना है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति का।
देहरादून जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति यह कहने से खुद को नहीं रोक पाए कि यहां तो फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं हैं।
हालांकि, इस दौरान उन्होंने क्षमता से अधिक बंदियों को स्थानांतरित कराकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने पर सहमति जताई।
जनपद न्यायाधीश राम सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति और अपर जिलाधिकारी प्रशासन झरना कामठान ने शुक्रवार को सुद्दोवाला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया।
कार्यक्रम पहले से निर्धारित होने के कारण जेल प्रशासन ने तैयारियां की थीं। बैरकों का अवलोकन करने के साथ भोजनालय में बंदियों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता की भी जांच की। जेल की सफाई और हरियाली की न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने तारीफ की।
एसएसपी पुष्पक ज्योति तो बोल गए, यहां तो बंदियों को फाइव स्टार होटल की सुविधाएं है। उन्होंने बताया कि वो तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। क्योंकि ऐसी सुविधाएं फाइव स्टार होटलों में होती हैं। एसएसपी ने बताया कि क्षमता से अधिक बंदियों का होना एक बड़ी समस्या है। इस बाबत शासन से पत्राचार कर बंदियों की संख्या कम करने का प्रयास किया जाएगा।
रोज पांच लोगों को फोन कर समस्या सुनते हैं कप्तान
देहरादून के एसएसपी पुष्पक ज्योति ने जनता से सीधे संवाद की नई पहल शुरू की है। एसएसपी रोजाना पांच लोगों को फोन कर उनकी समस्याएं सुनते हैं। साथ ही लोगों को चाय के लिए दफ्तर आने का निमंत्रण भी देते हैं। दूसरे विभागों से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए एसएसपी की तरफ से पत्र भी भेजा जाता है।
इंजीनियर्स एन्कलेव निवासी रिटायर्ड अधिकारी गोविंद दीपक ने एसएसपी से हुई बात साझा की तो इस मुहिम का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि एसएसपी ने पहले अपना परिचय दिया फिर उनसे समस्या और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सुझाव पूछे। एसएसपी ने गोविंद दीपक को लोगों से बात कर मुहल्ले में गेट लगवाने की सलाह दी।
जनता से बेहतर तालमेल के लिए पिछले सोमवार से यह योजना शुरू की गई है। जिले भर का मोबाइल डाटा मेरे पास है। मैं रोज पांच नंबर चुनकर लोगों से बात करता हूं। इससे इलाके के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। साथ ही पुलिस के प्रति लोगों में सम्मान बढ़ता है।
- पुष्पक ज्योति, एसएसपी, देहरादून