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पीपीपी मोड में खोले जाएंगे 500 मिल्क पार्लर
ब्यूरो/ अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sat, 06 May 2017 11:14 AM IST
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नवनियुक्त डेयरी निदेशक आनंद स्वरूप ने कहा कि प्रदेश भर में पीपीपी मोड में 500 मिल्क पार्लर खोले जाएंगे। केंद्र सरकार की डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत मिल्क पार्लर खोलने पर मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं पर्वतीय क्षेत्र में 33.33 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना खासतौर पर बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई है। इन पार्लरों में आंचल के प्रोडक्ट बेचे जाएंगे।
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शुक्रवार को डेयरी निदेशक आनंद स्वरूप ने मंगलपड़ाव स्थित डेयरी विकास निदेशालय में कुमाऊं के डेयरी अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। शासन में अपर सचिव के साथ डेयरी निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर वह निदेशालय में पहली बार पहुंचे थे। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि निष्क्रिय दुग्ध समितियों को पुनर्जीवित कर दुग्ध उत्पादन को तीन गुना बढ़ाया जाए।
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उन्होंने स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी डेयरी एवं दफ्तरों में हर शनिवार को साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने दुग्ध संघ द्वारा तैयार आंचल के प्रोडक्ट राज्य की कैंटीनों में बिक्री के लिए भेजने के निर्देश दिए। वर्ष 2019-20 तक प्रदेश की सभी समितियों को ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने निजी दुग्ध कंपनियों से मुकाबला करने के लिए अधिकारियों को मार्केट में आंचल के प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में कुमाऊं मंडल के सभी जीएम, सहायक निदेशक, उपनिदेशक संजय उपाध्याय, यूसीडीएफ के सामान्य प्रबंधक (प्रशासन) दीप बिष्ट आदि थे।
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निदेशक ने तलब की जांच रिपोर्ट
डेयरी निदेशक आनंद स्वरूप ने लालकुआं दुग्ध फैक्ट्री में एक्सपायर दूध पाउडर इस्तेमाल होने का मामला सामने आने पर इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को जल्द दुग्ध प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। बताया कि सरकार ने लेखानुदान में इस योजना के लिए चार करोड़ की राशि स्वीकृत की है।