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Dehradun News: निनसु गांव में 18 साल बाद मनेगी बूढ़ी दिवाली
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Iमहासू देवता के आदेश पर ग्रामीणों ने शुरू की तैयारी, ग्रामीणों में उत्साह का माहौलI
सीमांत क्षेत्र त्यूणी के निनसु गांव में 18 साल बाद पांच दिवसीय बूढ़ी दिवाली मनाई जाएगी। महासू देवता के आदेश पर ग्रामीणों ने बूढ़ी दिवाली मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, बावर क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर नई दिवाली मनाने की परंपरा है। निनसु हनोल मंदिर के पुजारियों का गांव भी है।
ग्राम स्याणा प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बावर क्षेत्र में नई दिवाली मनाने की पंरपरा है। उन्होंने कहा कि दो जून को गांव में जागा देवी की पूजा की गई थी। पूजा के दौरान महासू देवता ने ग्रामीणों को इस बार बूढ़ी दिवाली मनाने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि चार महासू देवता के आर्शीवाद से इस बार गांव में 18 साल बाद बूढ़ी दिवाली मनाई जाएगी।
ग्राम स्याणा ने बताया कि 12 दिसंबर को औंस (अमावस्या) के साथ दिवाली शुरू होगी। उसके बाद 12 दिसंबर को बिरूड़ी और 14 दिसंबर को जंदोई की जाएगी। जंदोई में हाथी नृत्य किया जाएगा। ग्रामवासी संजय जोशी, परमेश जोशी, रामचंद्र, लायकराम, मोहनलाल, मेजर सिंह राणा, देवी दत्त, कृपाराम, जगमोहन आदि ने बताया कि गांव में बूढ़ी दिवाली को लेकर उत्साह है। खासकर बच्चों में त्योहार को लेकर नई उमंग है। बाहर रहने वाले परिवारजन और रिश्तेदार भी बूढ़ी दिवाली में गांव पहुंचेंगे। उसके साथ क्षेत्रवासियों को भी गांव आने का निमंत्रण भेजा गया है।
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सीमांत क्षेत्र त्यूणी के निनसु गांव में 18 साल बाद पांच दिवसीय बूढ़ी दिवाली मनाई जाएगी। महासू देवता के आदेश पर ग्रामीणों ने बूढ़ी दिवाली मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, बावर क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर नई दिवाली मनाने की परंपरा है। निनसु हनोल मंदिर के पुजारियों का गांव भी है।
ग्राम स्याणा प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बावर क्षेत्र में नई दिवाली मनाने की पंरपरा है। उन्होंने कहा कि दो जून को गांव में जागा देवी की पूजा की गई थी। पूजा के दौरान महासू देवता ने ग्रामीणों को इस बार बूढ़ी दिवाली मनाने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि चार महासू देवता के आर्शीवाद से इस बार गांव में 18 साल बाद बूढ़ी दिवाली मनाई जाएगी।
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ग्राम स्याणा ने बताया कि 12 दिसंबर को औंस (अमावस्या) के साथ दिवाली शुरू होगी। उसके बाद 12 दिसंबर को बिरूड़ी और 14 दिसंबर को जंदोई की जाएगी। जंदोई में हाथी नृत्य किया जाएगा। ग्रामवासी संजय जोशी, परमेश जोशी, रामचंद्र, लायकराम, मोहनलाल, मेजर सिंह राणा, देवी दत्त, कृपाराम, जगमोहन आदि ने बताया कि गांव में बूढ़ी दिवाली को लेकर उत्साह है। खासकर बच्चों में त्योहार को लेकर नई उमंग है। बाहर रहने वाले परिवारजन और रिश्तेदार भी बूढ़ी दिवाली में गांव पहुंचेंगे। उसके साथ क्षेत्रवासियों को भी गांव आने का निमंत्रण भेजा गया है।
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