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Uttarakhand: केंद्र में अटकीं उत्तराखंड की पांच बड़ी डिमांड, मंजूरी मिली तो बदलेगी प्रदेश के विकास की तस्वीर

Fri, 20 Oct 2023 09:47 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 20 Oct 2023 09:47 AM IST
सार

बिजली परियोजनाओं की मंजूरी सहित पांच महत्वपूर्ण मसले केंद्र सरकार में लंबित हैं।  मुख्यमंत्री धामी इनके बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अभी इन सभी प्रमुख मसलों पर धामी सरकार को केंद्र की हामी का इंतजार है।

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Five big demands of Uttarakhand stuck in the center read more Update in hindi
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तराखंड राज्य के पांच महत्वपूर्ण और बड़े नीतिगत मसले केंद्र सरकार में लंबित हैं। इन नीतिगत मसलों के समाधान से उत्तराखंड राज्य को देश का अग्रणीय राज्य बनाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

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नीति आयोग की बैठक में इन सभी मसलों को उठाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इनके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चर्चा कर चुके हैं। इस बारे में उनकी ओर से केंद्र सरकार को स्मरण पत्र भी दिए गए हैं। लेकिन अभी इन सभी प्रमुख मसलों पर धामी सरकार को केंद्र की हामी का इंतजार है।

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फंडिंग की सीलिंग अभी तक नहीं हटी

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने उत्तराखंड और हिमाचल राज्य को बाह्य सहायतित योजनाओं के लिए 2025 तक के लिए फंडिंग की सीलिंग तय कर दी है। राज्य सरकार इससे असहज है। सरकार ने केंद्र से सीलिंग हटाने का अनुरोध किया। इसके पीछे 19 हजार करोड़ की उन 11 बाह्य सहायतित योजनाओं का हवाला दिया गया है, जो केंद्रीय मंत्रालयों की मंजूरी व फंडिंग एजेंसियों की सैद्धांतिक मंजूरी प्रक्रिया पूरी कर चुकी हैं। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अभी इस पर केंद्र से कोई राहत नहीं मिली है।

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बिजली परियोजनाओं की मंजूरी लटकी

राज्य सरकार चाहती है कि 25 मेगावाट से कम क्षमता की परियोजना की मंजूरी और उनके क्रियान्वयन का अधिकार राज्य को ही मिलना चाहिए। अनुमान है कि इस निर्णय से राज्य में 3000 मेगावाट तक बिजली उत्पादन हो सकेगा। इस पर भी निर्णय होना अभी बाकी है।

केंद्र पोषित योजनाओं में छूट नहीं मिली

केंद्र की कई केंद्र पोषित योजनाएं राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं। सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अनुरूप ऐसी योजनाओं में छूट चाह रही है, लेकिन अभी तक इस बारे में भी केंद्र के स्तर पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।

प्रोत्साहन नीति में विस्तार की दरकार

प्रदेश सरकार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति में विस्तार चाहती है। यह नीति वर्ष 2022 में खत्म हो गई है। लेकिन जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों को इस नीति का लाभ मिल रहा है। पर्वतीय राज्य होने के नाते राज्य सरकार भी चाहती है कि कम से औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को अगले पांच साल तक विस्तार दिया जाए। इस पर भी राज्य को निर्णय का इंतजार है।

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नदी जोड़ो परियोजना में वित्तीय मदद

प्रदेश सरकार ग्लेशियर वाली नदियों को बरसाती नदियों से जोड़ने की योजना पर विचार कर रही है। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष वित्तीय व तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया है। यह मसला मुख्यमंत्री प्रत्येक मंच पर मजबूती से उठा रहे हैं। इस पर भी मंजूरी का इंतजार है।

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