पहले करेंगे महादान, फिर जाएंगे चारधाम
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आपदा के बाद चारधाम यात्रा पर बाहरी तीर्थयात्री रुचि नहीं आ रहे हैं तो स्थानीय लोग भी अभी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। लोगों में लोकतंत्र के महापर्व के प्रति कितनी आस्था है इसका नमूना इस बार देखने को मिल रहा है।
दरअसल मतदान की तारीख और चार धाम यात्रा शुरू होने की तारीखें नजदीक हैं। कई स्थानीय पर्यटकों ने मतदान के बाद ही चार धाम यात्रा पर जाने का निर्णय लिया है। टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों के जरिए पर्यटन विभाग को इस तरह के संदेश मिल रहे हैं।
राज्य में पिछले साल आई आपदा का खौफ अब भी लोगों के जेहन में है। ऐसे में चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों की संख्या अब तक इस बार बहुत कम है।
यात्रियों की संख्या बढ़ाने में जुटा पर्यटन विभाग
चार धाम यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग तमाम टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों से भी संपर्क में जुटा हुआ है।
इसके जरिए पर्यटन विभाग का प्रयास है कि फिलहाल लोकल लोगों से सहमति बनाकर यात्रियों की संख्या में इजाफा किया जाए ताकि दूसरे प्रदेशों के यात्रियों में भी सकारात्मक संदेश पहुंचे।
इन ट्रेवल कंपनियों के माध्यम से पर्यटन विभाग को जो जवाब मिल रहे हैं, उससे मतदान तक चार धाम यात्रा पर असर पड़ने की संभावना है।
मतदान के बाद जाएंगे चारधाम
अधिकतर लोगों ने सात मई को लोकसभा चुनाव में मतदान करने के बाद ही चार धाम यात्रा पर जाने का जवाब दिया है। दो मई को गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुल रहे हैं। जबकि केदारनाथ के चार मई और बद्रीनाथ के कपाट पांच मई को खुलेंगे।
कुछ लोगों ने मौसम की स्थिति देखने के बाद ही बुकिंग कराने की बात भी कही है।
‘विभाग यात्रियों के मन से पिछले साल आई आपदा का खौफ खत्म करने के हर प्रयास कर रहा है। कुछ टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। कई स्थानीय पर्यटकों ने मतदान के बाद ही चार धाम यात्रा पर जाने की बात कही है। सात तारीख को मतदान के बाद चार धाम यात्रा के बढ़ने की उम्मीद है।’
-वाइके गंगवार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी