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Dehradun News: फिरोज खान बने ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी के अध्यक्ष
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अखिल भारतीय अराजपत्रित अधिकारी संघ के तहत ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी देहरादून की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष पद पर फिरोज खान, उपाध्यक्ष सुरेंद्र तोमर व पंकज चौहान, सचिव पद पर धर्मेंद्र, संयुक्त सचिव देवेंद्र और छबिलाल बैगा को चुना गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा, केंद्र सरकार ने देश की 41 ऑर्डिनेंस फैक्टरी का सरकारी दर्जा छीनकर उन्हें 7 डीपीएसयू में बदल दिया है। 200 वर्ष पुराने ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड को समाप्त कर दिया। इन निर्माणियों में कार्यरत कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों के लिए चिंतित हैं। इन्हीं कर्मचारियों की मेहनत से आज ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी (ओएलएफ) जो अब रक्षा मंत्रालय के अधीन इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) की ईकाई के रूप में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
भारतीय सेना की आंख के रूप में नवीन तकनीक पर आधारित विजन सिस्टम विकसित करने में ओएलएफ का कोई सानी नहीं है। इसी वजह से हाल ही में इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड को केंद्र सरकार ने मिनी रत्न का दर्जा दिया गया है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में ओएलएफ नवीन तकनीकी को आत्मसात करते हुए भारतीय सेना के लिए उच्च गुणवत्तापरक दूर दृश्य उपकरण तैयार कर सेना को मजबूत करने में लिए प्रतिबद्ध है।
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सचिव धर्मेंद्र ने कहा कि अराजपत्रित अधिकारियों की स्थानीय समस्याओं के लिए यूनिट स्तर व आईओएल मुख्यालय स्तर पर हर संभव प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार ने एसोसिएशन निगमीकरण के विरुद्ध, पुरानी पेंशन योजना, वेतन विसंगति, ओवर टाइम एरियर के भुगतान, निगमीकरण के बाद कर्मचारियों के सरकारी दर्जे के लिए लड़ाई लड़ेगी। इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ नेता गिरीश चंद्र उप्रेती, लक्ष्मी प्रसाद, कुलदीप सिंह, देवेंद्र सिंह, छबिलाल बैगा, प्रेम प्रकाश, राजकुमार, राजेश सिंह,रणवीर तोमर मौजूद रहे।
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देहरादून। अखिल भारतीय अराजपत्रित अधिकारी संघ के तहत ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी देहरादून की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष पद पर फिरोज खान, उपाध्यक्ष सुरेंद्र तोमर व पंकज चौहान, सचिव पद पर धर्मेंद्र, संयुक्त सचिव देवेंद्र और छबिलाल बैगा को चुना गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा, केंद्र सरकार ने देश की 41 ऑर्डिनेंस फैक्टरी का सरकारी दर्जा छीनकर उन्हें 7 डीपीएसयू में बदल दिया है। 200 वर्ष पुराने ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड को समाप्त कर दिया। इन निर्माणियों में कार्यरत कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों के लिए चिंतित हैं। इन्हीं कर्मचारियों की मेहनत से आज ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी (ओएलएफ) जो अब रक्षा मंत्रालय के अधीन इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) की ईकाई के रूप में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
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भारतीय सेना की आंख के रूप में नवीन तकनीक पर आधारित विजन सिस्टम विकसित करने में ओएलएफ का कोई सानी नहीं है। इसी वजह से हाल ही में इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड को केंद्र सरकार ने मिनी रत्न का दर्जा दिया गया है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में ओएलएफ नवीन तकनीकी को आत्मसात करते हुए भारतीय सेना के लिए उच्च गुणवत्तापरक दूर दृश्य उपकरण तैयार कर सेना को मजबूत करने में लिए प्रतिबद्ध है।
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सचिव धर्मेंद्र ने कहा कि अराजपत्रित अधिकारियों की स्थानीय समस्याओं के लिए यूनिट स्तर व आईओएल मुख्यालय स्तर पर हर संभव प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार ने एसोसिएशन निगमीकरण के विरुद्ध, पुरानी पेंशन योजना, वेतन विसंगति, ओवर टाइम एरियर के भुगतान, निगमीकरण के बाद कर्मचारियों के सरकारी दर्जे के लिए लड़ाई लड़ेगी। इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ नेता गिरीश चंद्र उप्रेती, लक्ष्मी प्रसाद, कुलदीप सिंह, देवेंद्र सिंह, छबिलाल बैगा, प्रेम प्रकाश, राजकुमार, राजेश सिंह,रणवीर तोमर मौजूद रहे।