दीपावली पर आतिशबाजी: उत्तराखंड की फिजा में घुला जहर, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
Pollution on Diwali: राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी दून में दीपावली के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 348 तक पहुंच चुका है।
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दीपावली के मौके पर राजधानी दून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, काशीपुर व रुद्रपुर जैसे शहरों में हुई आतिशबाजी के चलते इन शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी दून में दीपावली के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 348 तक पहुंच चुका है। वहीं धर्मनगरी हरिद्वार में हुई आतिशबाजी से एक्यूआई 321 दर्ज किया गया जबकि एक दिन पूर्व यह 209 दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक दीपावली के दिन शाम को ऋषिकेश में एक्यूआई 257 पर पहुँच गया जो एक दिन पूर्व 136 दर्ज किया गया था। जहां तक काशीपुर का सवाल है तो काशीपुर में एक्यूआई 267 दर्ज किया गया जो एक दिन पहले 128 दर्ज किया गया था। जबकि हल्द्वानी में एक्यूआई 251 और रुद्रपुर में 263 दर्ज किया गया।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि राजधानी दून में दो जगहों घंटाघर व नेहरू कालोनी में लगाए गए माॅनीटरिंग स्टेशन से एक्यूआई की निगरानी की गई। दीपावली के दिन घंटाघर में जहां एक्यूआई 348 दर्ज किया गया, वही नेहरू कालोनी में अधिकतम एक्यूआई 327 दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व यानी बृहस्पतिवार को एक्यूूआई नेहरू कालोनी में 154 व घंटाघर में 214 दर्ज किया गया था।
दूसरी ओर आतिशबाजी के चलते बदहाल हो चुके प्रदूषण का असर मौसम के बदले मिजाज पर भी दिखाई दे रहा है। आलम यह रहा है कि राजधानी व आसपास के इलाकोें में आसमान में दिन भर धुएं का गुबार छाया रहा। शहरियों ने दिन भर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण के बीच दिन गुजारा। दूसरी ओर दूसरी ओर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि निजी कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा वायु प्रदूषण की निगरानी 11 नवंबर तक लगातार की जाएगी। जहां तक दीपावली पर आतिशबाजी के चलते प्रदूषण स्तर में हुई बढ़ोत्तरी में कमी का सवाल है तो स्थितियों को सामान्य होने में अभी थोड़ा समय लगेगा। ऐसे में प्रदूषण को लेकर थोड़ी एहतियात बरतनी होगी।
आखिरकार कहां कहां कितना दर्ज किया एक्यूआई का स्तर
शहर का नाम एक दिन पहले दीपावली के दिन दर्ज एक्यूूआई स्तर
देहरादून (घंटाघर) 214 348
देहरादून (नेहरू कालोनी ) 154 327
ऋषिकेश 136 257
काशीपुर 128 267
हल्द्वानी 130 251
रुद्रपुर 127 263
हरिद्वार 209 321
सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं 300 से अधिक का एक्यूआई स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों द्वारा एयर क्वालिटी इंडेक्स की चार श्रेणियों में निगरानी की जाती है। शून्य से लेकर 50 तक की एयर क्वालिटी इंडेक्स को सेहत के लिए ठीक माना जाता है। वहीं 51 से लेकर 100 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक को माडरेट व 200 से लेकर 300 को खराब श्रेणी, 301 से लेकर 400 तक को बहुत खराब और 401 से ऊपर के एयर इंडेक्स होने होने पर प्रदूषण के लिहाज से सबसे खतरनाक माना जाता है।
50 से अधिक सांस के रोगी पहुंचे अस्पताल
तेजी से बदलते मौसम के साथ दीपावली पर आतिशबाजी का धुआं सांस रोगियों पर भारी पड़ा। पिछले 24 घंटों में 50 से अधिक रोिगियों की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा। गंभीर हालत में तीन दमा रोगियों को कोरोनेशन अस्तपाल और 12 मरीजों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले तीन दिनों में हुई आतिशबाजी से राजधानी का प्रदूषण सामान्य से छह गुना पार कर खतरनाक स्तर पहुंच चुका है। दीपावली को हुई आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर 348 पहुंच गया। दून अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोलाजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक दिवाली में हुई आतिशबाजी के चलते वातावरण में कार्बन डाइआक्साइड और कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर अचानक बढ़ जाने से सांस रोगियों को दिक्कतें हुई। शुक्रवार को ओपीडी में है 100 से अधिक ऐसे मरीज आए जिन्होंने सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
100 से अधिक घायल, पहुंचे अस्पताल
दिवाली के दौरान की गई आतिशबाजी सौ से अधिक लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई। पटाखा छुड़ाते समय सावधानी नहीं बरतने से जहां 31 लोग झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें कई मासूम भी शामिल है। वहीं अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 22 से अधिक लोग घायल हो गए। इतना ही नहीं आतिशबाजी को लेकर हुई कहासुनी और मारपीट में भी 26 लोग घायल हो गए। घायलों को दून व कोरोनेशन अस्तपालों में भर्ती कराया गया है।
दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केसी पंत ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान घायल हुए 52 लोगों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लाया गया जिसमें कई बच्चे शामिल थे। इसके अलावा कई दुर्घटनाओं में घायल होकर पांच लोग दून अस्पताल पहुंचे। इतना ही नहीं आतिशबाजी के दौरान मारपीट की भी घटनाएं हुई। जिसमें 11 लोग घायल हुए। सभी घायलों को इलाज किया गया। घायलों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो इसके लिए दून अस्पताल में सीएमएस डॉ. केके टम्टा के साथ ही सभी विशेषज्ञों को तैनात किया गया था। दून अस्पताल के अलावा कोरोनेशन व शताब्दी अस्पताल में भी घायलों का इलाज किया गया। सीएमएस डॉ. शिखा जंगपागी ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में 52 घायलों का इलाज किया गया। इनमें पटाखा छुड़ाते समय घायल आठ लोग, मारपीट में घायल 15 लोग, सड़क हादसों में घायल 17 व 12 दमा रोगी शामिल हैं।