अयोध्या में फायर प्रूफ होगा रामलला का 'आशियाना'
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनने वाला रामलला का तिरपाल बेहद खास होगा। इसे न तो आग जला सकेगी और न ही बरसात भिगो सकेगी।
रुड़की सीबीआरआई की ओर से इसका निर्माण किया जा रहा है, जो दिसंबर तक पूरा होना है। अयोध्या में राममंदिर के लिए अस्थायी आशियाना (तिरपाल) बनाने की जिम्मेदारी सीबीआरआई रुड़की को दी गई है। इसे अग्नि अवरोधी और वाटरप्रूफ बनाने के साथ ही तकनीकी खूबियों से भी लैस किया जाएगा।
तिरपाल का आकार करीब 400 वर्गमीटर होगा। साथ ही इसे बनाने में करीब 11.40 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसका भुगतान सीबीआरआई को किया जा चुका है। इस संबंध में कमिश्नर फैजाबाद एवं रामजन्म भूमि के रिसीवर सूर्य प्रकाश मिश्रा की ओर से सीबीआरआई को पत्र भी लिखा गया है।
अयोध्या जाएंगे निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक
अब सीबीआरआई के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. हरपाल सिंह की अगुवाई में यह तिरपाल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया रामलला के लिए बनने वाला तिरपाल बेहद खास होगा। इसे बनाने का कार्य दिसंबर से पहले पूरा किया जाना है, जिसके लिए कार्य शुरू कर दिया गया है।
रामलला का तिरपाल बनाने से पहले सीबीआरआई के कार्यकारी निदेशक और वैज्ञानिक अयोध्या का दौरा करेंगे।
इस संबंध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल अग्रवाल ने बताया कि अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में निदेशक यादवेंद्र पांडेय और वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. हरपाल सिंह अयोध्या में राममंदिर का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद ही रामलला के तिरपाल को अंतिम रूप दिया जाएगा।