{"_id":"570ee1334f1c1b386d4a6ab8","slug":"fire-works-ban-in-chandrabani-fair","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल हादसे से सबक, चंद्रबनी मेले में आतिशबाजी पूरी तरह बैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केरल हादसे से सबक, चंद्रबनी मेले में आतिशबाजी पूरी तरह बैन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Apr 2016 05:45 AM IST
विज्ञापन
केरल के कोल्लम स्थित इसी जगह हुआ था हादसा।
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल के कोल्लम जिले के पुत्तिंगल देवी मंदिर में हाल ही में हुए आतिशबाजी के दर्दनाक हादसे से दून ने भी सबक लेते हुए दून में वैशाखी के मौके पर चंद्रबनी में शुरू हुए मेले में पहली बार आतिशबाजी पूरी तरह से बैन कर दी गई है। यहां तक कि धूपबत्ती भी मंदिर के अंदर जलाने पर मनाही है। पहली बार मेले में पीएसी तैनात की गई है।
विज्ञापन
प्रशासन ने चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड के समीप लगे इस मेले में मंदिर की ओर से बकायदा सभी नियम-कायदे श्रद्धालुओं को बता दिए गए हैं। इसका पालन करते हुए मंदिर परिसर या मेले में कहीं भी आतिशबाजी किए जाने से साफ मना किया गया है। इतना ही नहीं किसी तरह का भी हादसा यहां न हो, इसलिए धूपबत्ती, अगरबत्ती सभी कुछ मंदिर के बाहर जलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
महिला कांस्टेबल तैनात
महिला कांस्टेबल भी यहां तैनात है, जो कि मंदिर के भीतर प्रवेश करने वाले श्रद्धालु से यह पूछ रही हैं कि उनके पास किसी तरह की विस्फोटक सामग्री तो नहीं है, इतना ही नहीं उन्हें सीधे तौर पर यह भी समझा रही हैं कि मंदिर के भीतर सिर्फ प्रवेश करके लौट आएं।
विज्ञापन
धूपबत्ती, अगरबत्ती या दीया जो भी जलाना हो उसे मंदिर के बाहर एक किनारे में ही जलाएं। मेले में स्टाल लगाने वाले सभी विक्रेताओं को भी इस संबंध में समझाया गया है। मेला स्थल में पुलिस की ओर से अस्थाई चौकी भी बनाई गई है। यहां इस बार फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तैनात की गई है।
ताकि न चले गोली
पिछले साल खुले में शौच के चलते एक विक्रेता पर गांव एक व्यक्ति की ओर से फायरिंग की गई थी। गांव के व्यक्ति का कहना था कि उसके खेत में शौच की जा रही है। इस बार ऐसी स्थिति न बने इसलिए मंदिर परिसर की ओर से 6 कच्चे शौचालय बना दिए गए हैं, जबकि पांच पक्के शौचालय यहां पहले से ही हैं।
न करें नियमों का उल्लंघन
गौतम कुंड के महंत हेमराज ने बताया कि इस बार मेले में किसी तरह का कोई विवाद न हो, इसलिए मंदिर समिति की ओर से नए बनाए गए हैं। मेले में आए विक्रेताओं को इनका उल्लंघन न करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री रखने, खुले में शौच करने आदि की मनाई है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे तुरंत मेले वाली जगह से हटा दिया जाएगा।