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रुद्रप्रयाग: बिना वित्तीय स्वीकृति छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कराए काम, भुगतान पर भी उठे सवाल

Mon, 02 Nov 2026 02:21 PM IST
Renu Saklani राजेश सेमवाल मृदुल, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
राजेश सेमवाल मृदुल, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: Renu Saklani Updated Mon, 02 Nov 2026 02:21 PM IST
सार

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निर्माण और मरम्मत कार्यों को लेकर वित्तीय नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला लेखा प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

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Financial Irregularities alleged in six ayushman arogya mandirs in rudraprayag CMO seeks explanation
वित्तीय अनियमितता - फोटो : amar ujala

विस्तार

रुद्रप्रयाग जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के आधारभूत ढांचा सुदृढ़ीकरण कार्यों में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने बिना वित्तीय स्वीकृति छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने और एक कार्य का नियम विरुद्ध भुगतान किए जाने के मामले में जिला लेखा प्रबंधक पवन कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल ने तीन दिन में इसका स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ रुद्रप्रयाग व वर्तमान सीएमओ नई टिहरी डॉ. राम प्रकाश से भी जानकारी मांगी गई है।

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जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने 31 अक्तूबर को जारी नोटिस में कहा कि पवन कुमार की ओर से 26 सितंबर को प्रस्तुत किए गए जवाब का अभिलेखों के साथ परीक्षण किया गया। इसमें उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग के अनुसार छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बिना वित्तीय स्वीकृति के कार्य कराए गए और संबंधित भुगतान भी किया गया। नोटिस के अनुसार खेड़ाखाल, चंद्रनगर और सोतेराखाल में कार्यों के अभिलेखों के साथ कार्यादेश प्रस्तुत किए गए जबकि घोलतीर, रतूड़ा और चोपड़ा में कराए गए कार्यों से संबंधित कार्यादेश न तो पत्रावली में सुरक्षित मिले और न ही प्रस्तुत किए गए। इन तीनों केंद्रों के कार्यों के आवंटन से संबंधित कार्यादेश कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया है।

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इसके अलावा घोलतीर में कराए गए कार्य के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में भुगतान की प्रत्याशा में मौखिक स्वीकृति का हवाला दिया गया लेकिन नियमों के अनुसार प्रेम सिंह बिष्ट को भुगतान करने के संबंध में स्पष्ट आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। सीएमओ ने पत्र में कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति किस स्तर से प्राप्त की गई। इससे संबंधित दिशा निर्देश और आदेशों की प्रतियां भी मांगी हैं। तीन दिन में जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। 

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भुगतान मांगने आए तब पता चला मामले का

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व चार ठेकेदार उनके कार्यालय में निर्माण कार्यों का भुगतान मांगने आए तब उन्होंने इसकी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पत्र के माध्यम से सही जानकारी समय पर देने के लिए जिला लेखा प्रबंधक पवन कुमार को नोटिस भेजा है और तत्कालीन सीएमओ रामप्रकाश रुद्रप्रयाग और वर्तमान में नई टिहरी के सीएमओ से भी जानकारी मांगी गई है।
 

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