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इस फैसले से 25 हजार कर्मियों को झटका

Thu, 10 Apr 2014 02:51 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 10 Apr 2014 02:51 PM IST
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finance department gave recovery order

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश के करीब 25 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को करारा झटका लगा है। करीब तीन साल तक एसीपी का लाभ लेने वाले कर्मचारियों से अब उस राशि की वसूली की जाएगी।

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निदेशक कोषागार का कहना है कि कर्मचारियों को यह लाभ गलती से दिया गया है। इससे कर्मचारियों में हड़कंप है। उन्होंने इसका विरोध करने का ऐलान किया है।

2008 से 2011 तक हुआ था गलत भुगतान
वित्त विभाग के अनुसार एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) के तहत सितंबर 2008 से 2011 तक कई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिमाह 200 से 600 रुपये तक का गलत भुगतान किया गया है।
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वर्ष 2011 में इसकी जानकारी होने पर भुगतान पर रोक लगा दी गई और फैसला किया गया कि उक्त राशि कर्मचारियों से वसूली जाएगी।

वसूली न करने का हुआ था समझौता
उस समय जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो 23 दिसंबर 2011 को शासन और कर्मचारियों में वसूली नहीं करने का समझौता हुआ लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई जीओ जारी नहीं किया गया है।

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निदेशक कोषागार रमेशचंद्र अग्रवाल का कहना है कि कर्मचारियों से वसूली की जाएगी। अग्रवाल का कहना है कि कर्मचारियों को एसीपी का लाभ 2011 से मिलना था लेकिन कई कर्मचारियों इसका लाभ 2008-09 से लेते आ रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा विभागाध्यक्षों की गलती से हुआ है।

पूरे नहीं हुए 45 दिन
वर्ष 2011 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। तब कार्रवाई स्थगित करने के आश्वासन के साथ मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी को 45 दिन में रिपोर्ट देनी थी।

कर्मचारियों का कहना है कि तीन साल बाद भी कमेटी रिपोर्ट नहीं दे सकी। कमेटी में अपर मुख्य सचिव वित्त और प्रमुख सचिव कार्मिक बतौर सदस्य शामिल थे।

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