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नाम दर्ज करके भूल जाओ नौकरी
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2013 09:38 AM IST
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देहरादून का सेवायोजन कार्यालय महज नामभर का रह गया है। युवाओं को नौकरी दिलवाना तो दूर कार्यालय पंजीकृत युवाओं से संपर्क तक नहीं साध रहा। सेवायोजन कार्यालय के इस रवैये से युवाओं में भी नाराजगी है।
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देहरादून का सेवायोजन कार्यालय, कभी न केवल पंजीकरण बल्कि नौकरी के लिए भी जाना जाता था। यहां पंजीकृत होने वाले उन युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जाती थी जिनकी उम्र निकल रही हो और जो उस पद के लिए काबिल हों।
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पंजीकरण कार्यालय तक सिमटा
युवाओं में सेवायोजन कार्यालय से नौकरी पाने को लेकर एक ललक होती थी लेकिन वक्त बीतने के साथ ही सेवायोजन महज पंजीकरण कार्यालय बनकर रह गया है।
सेवायोजन कार्यालय से एक समय में ग्रुप सी, डी के विभिन्न कंपनियों और सरकारी पद भरे जाते थे। जहां भी इन पदों की आवश्यकता होती थी, वह सेवायोजन विभाग को अपनी जरूरत भेज देते थे।
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लिया जाता था युवाओं का इंटरव्यू
विभाग अपने पंजीकृत युवाओं को वरीयताक्रम में छांटकर उस विभाग को पूरा नाम, पता भेजे देते थे। इसके बाद उस कंपनी या संस्थान की ओर से सीधे इन युवाओं का इंटरव्यू लिया जाता था।
उस वक्त सेवायोजन में पंजीकरण को लेकर युवा बेहद उत्साहित होते थे लेकिन वक्त बीतने के साथ ही अब सेवायोजन कार्यालय के मायने बदल गए हैं। उत्तर प्रदेश का हिस्सा होने तक तो सब ठीक था लेकिन अब युवा केवल पंजीकरण के लिए आते हैं।
सेवायोजन के पास काम नहीं
उपनल के आ जाने के बाद सेवायोजन का पूरा काम उधर शिफ्ट कर गया है। अब न तो कोई विभाग को अपनी आवश्यकता भेजता है और न ही नई भर्तियों की जानकारी देता है। सवाल यह है कि जब पूरे संसाधन मौजूद हैं तो ग्रुप ‘सी’, ‘डी’ की भर्ती की जिम्मेदारी दूसरे विभागों को क्यों दी जा रही है।