नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए चुकानी होगी फीस
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नंदा देवी राजजात यात्रा के दौरान अव्यवस्थाओं की पोल तो पहले ही खुल चुकी है। अब व्यवस्था को ढर्रे पर लाने और भीड़ कम करने को उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के दो वैज्ञानिकों ने राजजात समेत और लोकजात यात्रा पर फीस लगाने की पैरवी की है ताकि भीड़ कम की जा सके।
राजजात में शामिल रहे वैज्ञानिक डा. अरुण कुकसाल और डा. कैलाश भारद्वाज की रिपोर्ट का बृहस्पतिवार को झाझरा विज्ञान धाम में उत्तराखंड राज्य स्तरीय विज्ञान कांग्रेस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विमोचन किया।
यह देखी हकीकत
- बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन, मेडिकल परीक्षण व्यवस्था ठीक नहीं थी।
- सूचना केंद्र पर भारी भीड़ रही, लेकिन जानकारी नहीं मिली।
- रोक के बाद भी प्लास्टिक, कांच की बोतलें फेंकी गईं।
- शौचालयों में पानी तक नहीं, मिट्टी के बनाए रास्ते धंस गए।
सुझाव
- यात्रा पंजीकृत हो, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जरूरी हो।
- यात्रियों को ज्यादा सामान ले जाने से रोकें।
- पैदल पथ पत्थरों के बनाएं।
- शौचालयों की शीट को गड्ढों से जोड़ें।
- राजजात क्षेत्र का पारिस्थितिकीय अध्ययन व आकलन।
- मौसम से जुड़ी सूचना मिलती रहे।
यूकास्ट का बजट तीन गुना हुआ
यूकास्ट को अब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को यूकास्ट का बजट तीन गुना बढ़ाने की घोषणा की। अब उसे 3.3 की जगह 10 करोड़ मिलेंगे। सीएम ने झाझरा स्थित विज्ञान धाम में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस का शुभारंभ किया।
मौके पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक सहदेव पुंडीर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव दीपक गैरोला, वैद्य बालेंदु प्रकाश, पूर्व मुख्य सचिव डा. आरएस टोलिया, ,यूसैक के निदेशक डा. दुर्गेश पंत आदि मौजूद थे।
इन्हें मिले पुरस्कार
आरएन टंडन मेमोरियल अवार्ड-प्रो. एएन पुरोहित
उत्कृष्ट विज्ञान शिक्षक पुरस्कार-नीरज कुमार जोशी
साइंस एंड टेक्नोलाजी एक्सीलेंस अवार्ड
डॉ. एसएस नेगी (इंजीनियरिंग साइंस)
डॉ. एलएसएस पालनी (बायो डायवर्सिटी और बायो टेक्नोलाजी)
डॉ. दीक्षा बिष्ट (साइंस कम्युनिकेशन)
यूकास्ट विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों, संस्थाओं को उनके प्रोजेक्ट्स में मदद देती है। सभी प्रोजेक्ट यूकास्ट खुद कार्यान्वित करा सके, इतने संसाधन नहीं हैं।
- डॉ. राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक (यूकास्ट, संस्थान की माली हालत पर)