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Dehradun News: कारगिल में बलिदान हो गए थे पिता अब बेटे ने 25 साल बाद थामा सेना का हाथ

Sat, 14 Dec 2024 11:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:09 PM IST
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Father was sacrificed in Kargil, now son joins army after 25 years
Iकारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे महाराष्ट्र के लांस नायक कृष्णा समरीत I
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Iबेटा प्रज्ज्वल समरीत था उस वक्त मां के पेट में, शनिवार को बना लेफ्टिनेंट
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I25 साल पहले कारगिल युद्ध में बलिदान हुए लांस नायक कृष्णा समरीत की आत्मा आज स्वर्ग से अपने बेटे को आशीष दे रही होगी। देश सेवा पर प्राण न्यौछावर करने वाले कृष्णा समरीत का शायद कोई लक्ष्य अधूरा रह गया था, जिसे पूरा करने के लिए अब बेटे प्रज्ज्वल ने सेना का हाथ थामा है। प्रज्ज्वल समरीत शनिवार को आईएमए से पासआउट होकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। इस बीच उन्हें कई ऐसे मौके मिले जिनसे वह लाखों का पैकेज पाकर सुकून की जिंदगी बसर कर सकते थे लेकिन उन्हें अपने पिता की बलिदान की कहानी हर वक्त याद आती थी। यही जज्बा अब 25 वर्ष की उम्र में प्रज्ज्वल का पूरा हुआ है।I
Iवर्ष 1999 में देश ने अपने सैकड़ों वीर सपूतों को खोया था। इन्हीं में से एक थे महाराष्ट्र के पुलगाव के रहने वाले लांस नायक कृष्णा समरीन। कृष्णा दुश्मनों से लोहा लेते हुए राजौरी में वीरगति को प्राप्त हुए थे। उस वक्त प्रज्ज्वल मां के गर्भ में ही था। प्रज्ज्वल का एक बड़ा भाई भी है। दोनों संतानों को मां ने शुरुआत में अपने निजी साधनों से पाला। कुछ समय बाद उन्हें सरकार की ओर से एक पेट्रोल पंप आवंटित हो गया। उन्होंने फर्ग्यूसन कॉलेज पुणे से बीएससी तक की पढ़ाई की। इसके बाद कैट की परीक्षा में बैठे तो देश के दो आईआईएम उन्हें दाखिला देने को तैयार हो गए। प्रज्ज्वल चाहते तो आईआईएम से एमबीए कर आगे का लग्जरी जीवन चुन सकते थे।
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Iमगर, प्रज्ज्वल का कहना था कि उनके पिता के बलिदान की उनके जहन में अमिट छाप थी। हर वक्त वह अपने पिता के इस बलिदान को याद करते थे और सोचते थे कि वह भी एक दिन सेना का हिस्सा बन देश की सेवा करेंगे। अंत में उन्होंने सीडीएस की परीक्षा पास की और पहले ही प्रयास में एसएसबी भी पास कर ली। अब एक साल के कड़े प्रशिक्षण के बाद प्रज्ज्वल सेना में बतौर अधिकारी शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह हर सांस अपने देश के नाम करना चाहते हैं। अब उनका और कोई लक्ष्य नहीं बस इतना है कि कोई दुश्मन सरहद पार करना तो दूर भारत की तरफ नजरें भी न कर सके।
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Iपंचकूला के के देव पंघाल ने बरकार रखी परंपराI
Iपंचकूला हरियाणा के देव पंघाल ने अपनी तीन पुश्तों की परंपरा को बरकरार रखते हुए सेना में अफसर पद पाया है। देव पंघाल के दादा ग्रेनेडियर रेजिमेंट का हिस्सा रहे हैं। जबकि, उनके पिता जाट रेजिमेंट मे बलवंत सिंह पंघाल बतौर कर्नल अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्नल पंघाल कारगिल युद्ध का भी हिस्सा रहे हैं। वर्ष 2004 में आई फिल्म एलओसी कारगिल में कर्नल पंघाल का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया था। अब देव पंघाल आईएमए से पासआउट होकर डोगरा रेजिमेंट का हिस्सा बने हैं। उन्होंने बताया कि पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का लक्ष्य लेकर ही वह बड़े हुए थे। उनका यह सपना आज पूरा हो गया।I
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