फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   father wants to kill his daughter

आठ साल की बेटी ने उगला बेरहम बाप का सच

Sat, 21 Dec 2013 05:16 PM IST
अमर उजाला, रुड़की/भगवानपुर
अमर उजाला, रुड़की/भगवानपुर Updated Sat, 21 Dec 2013 05:16 PM IST
विज्ञापन
father wants to kill his daughter

रुड़की में मौत के मुंह से वापस आई आठ साल की मासूम बेटी आंचल उर्फ मानसी की हत्या की कोशिश करने वाला अरविंद उसका जन्मदाता नहीं, अपितु सौतेला पिता है। यह बात आंचल ने खुद पुलिस को बताई है।

विज्ञापन


अमर उजाला टीम ने शनिवार को मासूम आंचल का परिवार ढूंढ ही लिया। आंचल से छोटे भाई-बहन का भी कोई अता-पता नहीं है। उनके साथ भी किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन


हिरासत में कड़ी पूछताछ

इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में कड़ी पूछताछ की। वह तीसरे शख्स को हॉस्टल के लिए बच्चे सौंपे जाने की कहानी बता रहा हैं, लेकिन उसके ठिकाने से अनभिज्ञ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलमपुर कोटवाल के हाशिम की इंसानियत और ‘अमर उजाला’ की मुहिम आखिरकार रंग ले आई। आठ दिन तक बेहोश रहने के बावजूद मौत का मात देने वाली आंचल के मुंह से निकले सच के सहारे अमर उजाला टीम ने शनिवार सुबह ही उसके परिवार को ढूंढ लिया।

मक्खनपुर के प्राथमिक विद्यालय के रिकॉर्ड से पूरी तस्वीर साफ हो गई। दरअसल स्कूल में आंचल का नाम मानसी के रुप में दर्ज है। कक्षा चार की छात्रा मानसी पहले शाहपुर के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थी।

मक्खनपुर में रहता है मानसी का परिवार
इसी साल अगस्त माह में टीसी लेकर मानसी का एडमीशन मक्खनपुर में कराया गया था। 28 अक्तूबर से स्कूल न आने के कारण 27 नवंबर को उसका नाम काट दिया गया था।

स्कूल से ही पता चला कि मानसी का परिवार गांव में ही जोगेन्द्र के घर में किराए पर रहता है। पिता अरविंद और मां कुसुम भगवानपुर क्षेत्र में अलग-अलग फैक्ट्री में काम करते है। मां से बात हुई तो साफ हुआ कि अरविंद दूसरा पति है।

पहले पति मुकेश से उसके तीन बच्चे है, इनमें आठ साल की मानसी, पांच साल की स्मृति और चार साल का हिमांशु शामिल है। मां का कहना था कि पति अरविंद ने तीनों बच्चों को हरिद्वार के किसी हॉस्टल में छोड़ रखा है।

पुलिस हुई सक्रिय
इस बात का पता लगते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। मकान मालिक के प्रयासों से पुलिस ने आरोपी पिता अरविंद को हिरासत में ले लिया है।

हालांकि अरविंद अलग ही कहानी सुना रहा है। कभी उसके साथ भगवानपुर की फैक्ट्री में काम करने वाले शिव कुमार को तीनों बच्चे हॉस्टल ले जाने के लिए रुड़की के बीएसएम तिराहे पर सुपुर्द किए थे।

हैरत की बात यह है कि वह उसका ठिकाना नहीं जानता। मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। अरविंद इन हालातों में दूसरे बच्चों के साथ भी अनहोनी की आशंका जता रहा है।

पुलिस पूछताछ में बेहोश हुई मां
मौत के मुंह से बाहर आई आंचल उर्फ मानसी की मां कुसुम पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में बेहोश हो गई। शनिवार सुबह परिवार का पता लग जाने के बाद पुलिस ने सीधे मक्खनपुर में पहुंच गई थी। पुलिस ने मां से आंचल के बारे में पूछताछ की तो एक बार वह बेहोश हो गई।


आरोपी पिता को पहुंचाया थाने
‘अमर उजाला’ पढ़ने और टीम के पहुंचने के बाद मक्खनपुर निवासी जोगेन्द्र के परिवार ने आरोपी पिता अरविंद को पकड़कर भगवानपुर कोतवाली तक पहुंचाया।

दरअसल अरविंद उनके मकान में किराए पर रहता है। पिता की करतूत से खफा जोगेन्द्र ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

वीडियों में दर्ज कराए बयान
जौलीग्रांट में भर्ती आंचल उर्फ मानसी द्वारा अपने पिता अरविंद के खिलाफ हत्या के प्रयास के दिए गए बयान को वीड़ियोग्राफी कर ली है, ताकि आरोपी पर शिकंजा कस सके। पुलिस टीम शनिवार को बयान लेकर वापस लौट आई।

बेटी की हत्या की कोशिश का यह गंभीर मामला है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पिता के बयान का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्ची की सुपुर्दगी चाइल्ड संस्था को दी जाएगी।
- अजय सिंह, एसपी देहात

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed