पिता ने मुख्यमंत्री से लगाई बेटे की मौत की सीबीआई जांच की गुहार, नदी में डूबने से हुई थी मौत
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उत्तराखंड के पौड़ी में पैडुलस्यूं स्थित बंगर गांव निवासी बुजुर्ग इंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री से बेटे के मौत की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने राजस्व पुलिस व रेगुलर पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
मुख्यालय पौड़ी में बंगर गांव निवासी इंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर 2015 को विकास खंड थलीसैंण के पपड़िया गांव के समीप पूर्वी नयार नदी में डूबने से बेटे राजपाल रावत (27 वर्ष) की मौत हो गई थी।
वह संविदा पर पोखड़ा में फार्मेसिस्ट के पद पर नियुक्त था, जो अपने सात साथियों के साथ घूमने थलीसैंण की ओर गया था। वहां वह पपड़िया गांव के समीप तीन साथियों के साथ पूर्वी नयार नदी में नहाने गया। बताया गया कि नहाने के दौरान राजपाल की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि राजपाल के शव को परिजनों के पहुंचने से पहले ही राजस्व पुलिस ने उठा लिया, जो कि अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि राजपाल तैराकी में अव्वल था, जो उसके डूबने से मौत की जगह हत्या की ओर इशारा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस से मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ। पुलिस से मामले की जांच की गुहार लगाई गई, लेकिन पुलिस ने भी मामले को हत्या नहीं होना बताया।
इसके बाद मामला पुलिस से सीबीसीआईडी को गया। सीबीसीआईडी ने भी मामले पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है। इंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक, मंत्री व पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर बेटे की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।