जिगर के टुकड़ों के गम में चल बसे पिता, पिता के गम में बेटे ने तोड़ा दम
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मौत का सदमा बर्दाश्त करना हर किसी के बस में नहीं। ऐसा ही हुआ जब एक पिता अपने बेटों की मौत का गम न सह सका और बेटा पिता की मौत का।
पौड़ी जिले में मैक्स दुर्घटना में दो बेटों की मौत का सदमा उनके पिता बर्दाश्त नहीं कर सके, तो केदारघाटी में पिता की अंत्येष्टि के दौरान मुखाग्नि देते वक्त पड़े दौरे से बेटे की मौत हो गई। दोनों हादसों ने शोकाकुल परिजनों और रिश्तेदारों को भीतर तक हिला कर रख दिया।
पौड़ी जिले के बैजरों में बृहस्पतिवार को हुआ मैक्स हादसा बीरोंखाल ब्लॉक के बमराड़ी गांव निवासी बिहारीलाल के परिवार पर भारी गुजरा। बिहारीलाल के तीन बेटे थे। सड़क हादसे में सुनील कुमार (35) और अर्जुन कुमार (32) की मौत हो गई।
हादसे में बेटों की मौत की खबर मिलते ही चल बसे
बृहस्पतिवार को घटना के संबंध में उनके वृद्ध और बीमार पिता बिहारीलाल को नहीं बताया गया। शुक्रवार को जब उन्हें हादसे की जानकारी दी गई तो वे बेटों की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्होंने घर पर ही दम तोड़ दिया।
इसी तरह केदारघाटी के ल्वारा गांव में कुछ समय से बीमार चल रहे 81 वर्षीय वृद्ध श्याम लाल का बुधवार रात निधन हो गया था। बृहस्पतिवार को कुंड में मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर उनकी अंत्येष्टि की जा रही थी।
उनके पुत्र शिशुपाल लाल (51) जैसे ही चिता को मुखाग्नि देने लगे, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गमगीन माहौल में पहले पिता और बाद में बेटे की भी अंत्येष्टि कर दी गई।