ये लोग रोक सकते हैं PM नरेंद्र मोदी का विजय रथ!
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि किसान-मजदूर मोदी और भाजपा की विजय यात्रा को थामने की ताकत रखते हैं। कहा कि बेहतर भारत बनाने के लिए राजनीति बदलनी होगी। हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई मिलकर चार सिपाही बनेंगे तो देश बड़ी ताकत बनेगा।
देहरादून के परेड मैदान में रविवार दोपहर डेढ़ बजे येचुरी का भाषण शुरू हुआ। 37 मिनट के भाषण में येचुरी ने भाइयों-बहनो के संबोधन के बाद सीधे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कहा कि मोदी दिन में छह-सात बार कपड़े बदलते हैं। जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं किसानों की आत्महत्या का प्रतिशत 36 फीसदी बढ़ा है।
प्रधानमंत्री विदेशी नुमाइंदों को बुलावा देकर देश को लुटवाने के लिए तैयार हैं। गुजरात मॉडल फेल हो गया है। धनपतियों को पांच लाख करोड़ टैक्स राहत दी गई है। इससे देश में रोजगार, आवास, चिकित्सा की समस्या काफी हद तक हल हो सकती थी।
येचुरी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड में किसानों, मजदूरों, महिलाओं और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का बुरा हाल है। शिक्षा-चिकित्सा और आजीविका का संकट होने से पहाड़ से पलायन हो रहा है। हम बेहतर भारत बना सकते हैं।
हमारे पास साधन हैं और योग्य-क्षमतावान लोग हैं, लेकिन खराब नीतियों ने युवा शक्ति को बरबाद कर दिया है। उत्तराखंड वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जैसे महान लोगों की धरती है। इसलिए नई राजनीति की शुरुआत यहीं से होनी चाहिए। उत्तराखंड में दलितों पर हो रहे हमलों पर उन्होंने प्रदेश सरकार की आलोचना की।
सांसद तपन सेन ने कहा कि मोदी और हरीश रावत की नीतियां एक समान हैं। प्रदेश सरकार गरीब, किसान, मजदूर की दुश्मन है। 96 वर्ष के नेता सत्यप्रकाश को सीताराम येचुरी ने सम्मानित किया। वह पिछले 76 सालों से वाम राजनीति में सक्रिय हैं।
मौके पर विजय रावत, सुरेंद्र सजवाण, लेखराज, दिनेश पांडे, वीरेंद्र भंडारी, इंदु नौडियाल, सत्यप्रकाश, अमित जोशी, मदन मिश्रा, बच्चीराम कौंसवाल, भगवान सिंह राणा, गंगाधर नौटियाल, राजाराम सेमवाल, शिवप्रकाश देवली आदि ने भी विचार रखे। भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, सीपीआई के राजाराम रजवार, रिटायर्ड आईएएस चंद्र सिंह विशेष तौर पर आमंत्रित थे। अध्यक्षता 96 वर्षीय बुजुर्ग नेता सत्यप्रकाश और संचालन राजेंद्र सिंह नेगी ने किया।
भीड़ से मिला वामपंथी राजनीति को ‘नवजीवन’
गौरव मिश्रा/ अमर उजाला, देहरादून
कभी वामपंथ के गढ़ रहे उत्तराखंड में सीताराम येचुरी की रैली ने वामपंथी राजनीति को नवजीवन प्रदान करने का काम किया है। जिस तरह प्रदेशभर से लोग शामिल हुए उससे रैली को सफल माना जा रहा है। सुबह से ही परेड मैदान में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।
बसों, स्कूटर-बाइकों, विक्रमों से हजारों लोग पहुंचे। इनमें मजदूर, किसान वर्ग तो था ही कॉलेजों- विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की तादाद भी अच्छीखासी थी। युवाओं व छात्रों ने लाल रंग की टीशर्ट पहन रखी थी, जिस पर शहीद-ए-आजम भगतसिंह का फोटो छपा था। हरिद्वार की एक कंपनी के सैकड़ों श्रमिक भी बाइकों में लाल झंडा लिए येचुरी को सुनने पहुंचे।
सभावाला, सिंघनीवाला, डोईवाला, भुड्डी से काफी संख्या में मुस्लिम भी आए। भोजन माताओं, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी वर्करों, महिला खेत मजदूरों, महिला किसान की तादाद भी ज्यादा थी। वन गुर्जर तो इंकलाबी जोश से भरे थे। जौनसार क्षेत्र से परंपरागत वेशभूषा में महिलाएं पहुंचीं।
युवा नेता लेखराज, राजवीर सिंह, मोहन चौहान, आर रावत, अनंत आकाश और पेशे से वकील शंभु प्रसाद मंमगाई बोले कि युवा दोबारा वाम राजनीति में आएंगे। रोजगार-शिक्षा का मसला हम नवीन तरीके से उठाएंगे। महासचिव सीताराम येचुरी को ज्ञापन देने व्यापारी, मजदूर, किसान, रेहड़ी-ठेलेवाले व घरों में काम करने वाली महिलाएं व उत्पीड़न झेल रहे दलित भी थे। 84 वर्षीय बीआर शर्मा बोले नई सोच और नवीन कार्यपद्धति से हम दोबारा जनता के प्रिय बन पाएंगे।
‘कश्मीर पर चीन का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं’
अमर उजाला से संक्षिप्त बातचीत में सीताराम येचुरी ने चीन यात्रा का हवाला दिया। बोले कि वहां मैंने बेनजीर भुट्टों के बेटे बिलावल के कश्मीर अलाप को खामोश करवा दिया था जबकि कांग्रेसी-भाजपाई सांसद चुप रहे।
कश्मीर पर किसी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं है। इसे दोनों देश मिलकर सुलझा लेंगे। बिलावल चीन के हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे। येचुरी ने कहा कि उत्तराखंड में नई राजनीति होनी चाहिए। अब बासी रोटियां नहीं बिकेंगी। आम आदमी पार्टी की राजनीति की भी सराहना की।