उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री ने इस प्रसिद्ध मंदिर में किया कुछ ऐसा कि पुजारी हो गए नाराज
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जागेश्वर धाम में महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके शनिवार तड़के प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा कराई।
इस पर पंडितों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मंदिर प्रबंधन समिति से इसकी शिकायत की। इसके बाद मंदिर समिति ने रुद्राभिषेक कराने वाले पुजारी को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने को कहा है।
जागेश्वर धाम में पुजारियों की सहमति से महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा पर पिछले एक साल से प्रतिबंध है, ताकि शिवलिंग को नुकसान न पहुंचे। रुद्राभिषेक पूजा में दूध, दही और शहद आदि अर्पित किया जाता है। इससे शिवलिंग को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए महामृत्युंजय मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर प्रतिबंध है।
जागेश्वर धाम के अन्य पुजारियों में आक्रोश
हालांकि, मंदिर परिसर में यह अनुष्ठान कराने पर कोई मनाही नहीं है। शनिवार तड़के प्रदेश के परिवहन मंत्री जागेश्वर धाम में पूजा करने पहुंचे। प्रतिबंध के बावजूद महामृत्युंजय मंदिर के एक पंडित ने गर्भगृह में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की ओर से रुद्राभिषेक पूजा करवा दी।
यह पूजा तड़के 4:30 बजे से 5:12 बजे तक चली। इसकी भनक लगने पर जागेश्वर धाम के अन्य पुजारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने नियम के उल्लंघन पर कड़ी नाराजगी जताई और इसकी शिकायत मंदिर प्रबंधन समिति से की।
मंदिर समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट का कहना है कि बाहर से आने वाले भक्तों को गर्भगृह में रुद्राभिषेक प्रतिबंधित होने की जानकारी नहीं हो सकती है, लेकिन पुजारी को तो इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराया जो नियमों का उल्लंघन है।
रुद्राभिषेक पूजा कराने वाले पुजारी को नोटिस
प्रबंधक ने मंत्री की रुद्राभिषेक पूजा कराने वाले पुजारी आनंद भट्ट (गोठ्यूड़ा) को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने को कहा गया है।
पुजारी से पूछा गया है कि प्रतिबंध की जानकारी होने के बावजूद गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजा क्यों करवाई गई। जवाब मिलने के बाद इस मुद्दे को मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में रखा जाएगा।
कई वर्षों से सामान्य व्यक्ति की तरह पूजा करने जाता रहा हूं। परंपरा और विधान है, उसी के अनुरूप जैसे अन्य लोग पूजा करवा रहे थे, उसी मैंने भी पूजा करवाई।
- यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री