पेशी पर आई फर्जी IAS बनकर ट्रेनिंग लेने वाली रूबी चौधरी, लेकिन पति के साथ जो हुआ हैरान रह गए सब
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लाल बहादुर शास्त्री आईएएस एकेडमी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रहने की आरोपी रूबी चौधरी मंगलवार को अदालत में पेश हुई। सुनवाई की निर्धारित तिथियों पर उपस्थित न होने के कारण रूबी के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
मंगलवार को रूबी की ओर से शपथपत्र दिए जाने के बाद न्यायालय ने उसका गैर जमानती वारंट निरस्त कर दिया है। रूबी ने न्यायालय को विश्वास दिलाया है कि वह प्रत्येक तारीख पर न्यायालय में उपस्थित रहेगी।
साल 2015 में रूबी चौधरी निवासी मुजफ्फरनगर के खिलाफ मसूरी थाने में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया गया था। रूबी पर आरोप था कि वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काफी दिनों तक देश की प्रतिष्ठित लाल बहादुर आईएएस एकेडमी में रही और खुद को आईएएस अधिकारी भी दर्शाने का प्रयास किया।
होटल से रूबी के पति की डेढ़ लाख की घड़ी चोरी
उस दौरान पुलिस ने रूबी को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। यहां उसे करीब 47 दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल पाई थी। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से रूबी चौधरी सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हो रही थी।
ऐसे में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने गत 17 अप्रैल को रूबी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस पर मंगलवार को रूबी चौधरी न्यायालय में पेश हुई और न्यायालय को अपने कोर्ट में प्रस्तुत न होने का कारण बताया।
उसने बताया कि वह अपरिहार्य कारणों से सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुई थी। ऐसे में उसने आगामी सभी सुनवाई में उपस्थित रहने का शपथपत्र भी न्यायालय को दिया। रूबी चौधरी के वकीलों की दलीलों को सुनकर न्यायालय ने उसके गैर जमानती वारंट को निरस्त कर दिया।
होटल से रूबी के पति की डेढ़ लाख की घड़ी चोरी
न्यायालय में पेश होने के लिए रूबी चौधरी सोमवार रात ही देहरादून पहुंच गई थी। वह अपने पति विरेंद्र मलिक के साथ थाना क्लेमेंटटाउन क्षेत्र के एक होटल में रुकी थी। सुबह उठकर मलिक ने देखा तो उनके कमरे में घड़ी नहीं थी। घड़ी की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। विरेंद्र मलिक ने मामले की शिकायत थाना क्लेमेंटटाउन को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।