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सरकारी अस्पतालों में प्रचार कर रहे झोलाछाप
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 01 Sep 2014 04:21 PM IST
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शर्तिया इलाज के दावे करने वाले देहरादून के सरकारी अस्पतालों में पैठ बना रहे हैं। लोगों को भ्रमित करने वाले कई पोस्टर दून अस्पताल की दीवारों पर चस्पा हैं। लेकिन इन्हें देखने वाला कोई नहीं है।
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सरकारी अस्पतालों में प्रचार
शराब और दूसरे नशे की लत छुड़ाने, मिर्गी के दौरे, जोड़ों के दर्द आदि कई बीमारियों से निजात दिलाने का दावा करने वाले दून अस्पताल, कोरोनेशन और प्रेमनगर सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में प्रचार करने में लगे हैं।
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अधिकतर पर्चे अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन काउंटर और इमरजेंसी के बारह लगाए गए हैं। अस्पतालों की बाहरी दीवारों पर तो ऐसे पर्चों की भरमार देखी जा सकती है।
इस संबंध में दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल का कहना है कि यह मामला गंभीर है। पहले भी अस्पताल में पर्चे लगाने की शिकायत मिली थी। तब निकाल दिया गया था। फिर पर्चे हटवाकर कार्रवाई के नोटिस भेजे जाएंगे।
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झोला छापों पर ठिठकी कार्रवाई
झोलाछाप डाक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई थम गई है। विभाग ने जिले में करीब साढ़े चार सौ झोलाछाप डॉक्टरों को चिह्नित करने का दावा किया था।
तीन दिन चले अभियान में लगभग 40 क्लीनिकों पर छापे के बाद कार्रवाई बंद है। सीएमओ डॉ. बीएस जंगपांगी ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर सतर्क हो गए हैं। भविष्य में गोपनीय रणनीति के तहत छापे मारे जाएंगे।