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फर्जी डिग्री पर असली नौकरी, टीचरों की नियुक्ति में कैसे-कैसे खेल; जानिए

Mon, 24 Apr 2017 08:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 24 Apr 2017 08:49 AM IST
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Fake Degree but Orignal Job in uttarakhand Education department

राजधानी देहरादून के कुछ अशासकीय स्कूलों में टीचरों की नियुक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े के लिए बाकायदा गिरोह काम कर रहा है। बताया तो यहां तक जा रहा कि एक व्यक्ति के एक-दो नहीं, बल्कि 13 स्कूल चल रहे हैं।

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इसमें सात अशासकीय और छह स्कूल जनजाति कल्याण विभाग की ओर से संचालित हो रहे हैं। इनकी नियुक्तियों में जमकर खेल हुआ है। कुछ टीचरों के प्रमाण-पत्र फर्जी बताए गए हैं तो कुछ में नियम ताक पर रख रिश्तेदारों को नियुक्तियां दी गईं हैं।

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एक ही स्कूल में प्रिंसिपल से लेकर चपरासी तक सभी रिश्तेदार

Fake Degree but Orignal Job in uttarakhand Education department

रायवाला के एक अशासकीय स्कूल में इस व्यक्ति की पत्नी प्रिंसिपल है। यह व्यक्ति छिद्दरवाला के दूसरे स्कूल में प्रिंसिपल है। जिस स्कूल में यह प्रिंसिपल है उस स्कूल में इसकी बुआ का लड़का यानी भाई बाबू और इसी स्कूल में उनका जीजा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। स्कूलों में कुछ टीचर विसारद की डिग्री के आधार पर नियुक्ति पाए हुए हैं। खबर है कि रायवाला और छिद्दरवाला के अलावा ऋषिकेश क्षेत्र में इस व्यक्ति के पांच अन्य जूनियर हाईस्कूल चल रहे हैं। 

जबकि, विकासनगर क्षेत्र में जनजाति कल्याण विभाग के सहयोग से छह स्कूल चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि पूरा खेल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत से चल रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हुई तो शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का बड़ा गिरोह सामने आएगा। 

डीएम का आदेश भी नहीं मानता शिक्षा विभाग

Fake Degree but Orignal Job in uttarakhand Education department

विभागीय अधिकारी जिलाधिकारी के आदेश को भी नहीं मानते हैं। जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने पब्लिक इंटर कॉलेज डोईवाला में नियमानुसार स्कूल प्रबंधन समिति के चुनाव होने तक स्कूल में प्रशासक की नियुक्ति के आदेश दिए थे। लेकिन आदेश के करीब आठ महीने बाद भी स्कूल में प्रशासक की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
 
हैरानी की बात यह है कि डीएम के आदेश के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने 30 दिसंबर 2016 को अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल अजय नौडियाल को पत्र लिखकर स्कूल में प्रबंध संचालक की तैनाती के लिए तीन अधिकारियों के नाम भेजकर इसके लिए अनुमोद मांगा, लेकिन स्कूल में अब तक प्रशासक नियुक्त नहीं हो पाया है। सीईओ देहरादून ने अपर निदेशक गढ़वाल मंडल को लिखे पत्र में कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सीपी नौटियाल, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक एमएस बिष्ट या खंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला मुखलाल में से किसी एक को प्रबंध संचालक बनाया जा सकता है।

सीईओ ने अपने पत्र में कहा कि आठ नवंबर 2015 को खंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला को चुनाव पर्यवेक्षक तैनात करते हुए संबंधित विद्यालय में चुनाव के निर्देश दिए गए थे। विभागीय पर्यवेक्षक मंजू भारती एवं प्रशासन के पर्यवेक्षक उप जिलाधिकारी डोईवाला के सामने साधारण सभा के कुछ सदस्यों ने हाथ उठाकर चुनाव कराने पर आपत्ति की थी। दोनो पर्यवेक्षकों एवं सभापति गन्ना विकास समिति सर्वसम्मति से प्रशासन की योजना में आवश्यक संशोधन कराने के बाद ही चुनाव कराए जाने का निर्णय लिया गया। लेकिन प्रबंधक को बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रशासन योजना में संशोधन का प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिससे शासन और विभाग को कई शिकायतें मिल रही हैं। 

स्कूल में पिछले दस साल से नहीं हुआ चुनाव 
सिमलास ग्रांट डोईवाला निवासी उमेद बोरा ने स्कूल में चुनाव के संबंध में स्कूल प्रिंसिपल से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी। स्कूल प्रिंसिपल की ओर से दी गई सूचना में कहा गया है कि विद्यालय की प्रबंधन समिति का चुनाव सात जनवरी 2007 को संपन्न हुआ। इसके बाद से प्रबंध समिति का चुनाव नहीं हो पाया है।  

शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने कहा कि स्कूल में प्रशासक नियुक्ति के लिए अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल अनुमोदन देता है। वहीं, इस मामले में जब अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल ऑफ होने से प्रयास के बाद भी उनसे संपर्क नहीं किया जा सका। भविष्य में बात होने पर उनका पक्ष भी हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।

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