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कांग्रेस की न्याय यात्रा में गुटबाजी और हुड़दंग का बोलबाला : उनियाल
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देहरादून। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को गुटबाजी और हुड़दंग का बोलबाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की प्रदेश प्रभारी स्वयं हरियाणा में धड़ेबाजी की खिलाड़ी रहीं हों वहां हुड़दंग होना स्वाभाविक ही है।
मंत्री उनियाल ने कटाक्ष किया कि न्याय यात्रा निकालने वालों को पहले हरक-आर्येंद्र पर न्याय करना चाहिए। इसके साथ ही माहरा, रणजीत, हरीश धामी के साथ न्याय करना चाहिए। फिर भी यदि न्याय करने की इच्छा शेष हो तो कांग्रेस प्रभारी, हरीश रावत को कम से कम आभार यात्रा निकालने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग जनता के बीच न्याय यात्रा निकालने का ढोंग कर रहे हैं, उन्हें जनता के पास जाने से पहले अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ न्याय करना चाहिए। पार्टी के चतुर्भुज नेतृत्व और अन्य कांग्रेस नेताओं की पूरी राजनीति ही आपस में एक-दूसरे को नीचा दिखाने और काटने में बीत रही है। जिसका प्रभाव पार्टी के राजनीतिक विचारों एवं व्यवहार में भी नकारात्मक रूप में परिलक्षित नजर आता है।
मंत्री उनियाल ने कहा कि परेशान नेताओं को प्रदेश एवं राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। पिछला हरियाणा विधानसभा का चुनाव तो उनके रूठने-मनाने में ही कांग्रेस पार्टी का बीत गया था। ऐसे में प्रदेश में आकर न्याय के नाम पर जनता के बीच झूठ एवं भ्रम फैलाया जाता है तो उनका सच सामने लाना एक राजनीतिक कार्यकर्ता के नाते बहुत जरूरी हो जाता है। कांग्रेस की तथाकथित यात्रा न्याय के लिए नहीं बल्कि नेताओं की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाओं और आपसी वर्चस्व की लड़ाई का मंच बन चुकी है।
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मंत्री उनियाल ने कटाक्ष किया कि न्याय यात्रा निकालने वालों को पहले हरक-आर्येंद्र पर न्याय करना चाहिए। इसके साथ ही माहरा, रणजीत, हरीश धामी के साथ न्याय करना चाहिए। फिर भी यदि न्याय करने की इच्छा शेष हो तो कांग्रेस प्रभारी, हरीश रावत को कम से कम आभार यात्रा निकालने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग जनता के बीच न्याय यात्रा निकालने का ढोंग कर रहे हैं, उन्हें जनता के पास जाने से पहले अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ न्याय करना चाहिए। पार्टी के चतुर्भुज नेतृत्व और अन्य कांग्रेस नेताओं की पूरी राजनीति ही आपस में एक-दूसरे को नीचा दिखाने और काटने में बीत रही है। जिसका प्रभाव पार्टी के राजनीतिक विचारों एवं व्यवहार में भी नकारात्मक रूप में परिलक्षित नजर आता है।
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मंत्री उनियाल ने कहा कि परेशान नेताओं को प्रदेश एवं राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। पिछला हरियाणा विधानसभा का चुनाव तो उनके रूठने-मनाने में ही कांग्रेस पार्टी का बीत गया था। ऐसे में प्रदेश में आकर न्याय के नाम पर जनता के बीच झूठ एवं भ्रम फैलाया जाता है तो उनका सच सामने लाना एक राजनीतिक कार्यकर्ता के नाते बहुत जरूरी हो जाता है। कांग्रेस की तथाकथित यात्रा न्याय के लिए नहीं बल्कि नेताओं की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाओं और आपसी वर्चस्व की लड़ाई का मंच बन चुकी है।
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