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हमारे सीएम का खर्चा देखकर तो अंबानी भी शरमा जाएं
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 09 Jan 2014 09:40 AM IST
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उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्रियों पर होने वाली शाहे व असिमित खर्च को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बढ़ता जा रहा खर्चा
छोटे प्रदेश में इस समय चार पूर्व मुख्यमंत्री हैं। हालांकि पिछले कुछ महीनों से एनडी तिवारी यूपी में प्रवास कर रहे है। लेकिन फिर भी खर्चा कम होने की जगह बढ़ता जा रहा है।
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पिछले 11 सालों में पूर्व मुख्यमंत्रियों के वाहनों पर 1.81 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। सुविधाओं के नाम पर काफी हद तक यूपी की नकल की गई। लेकिन फिर भी हर साल करोड़ों रुपए पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधा पर सरकारी खजाने से लुटाए जा रहे हैं।
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इन मंत्रियों पर सरकारी खजाना इस तरह लुटाया जा रहा है कि यह देखकर अंबानी जैसे अरबपति भी शर्मा जाएंगे।
पचास लाख रुपए से ज्यादा का पेट्रोल
हालात इस कदर नाजुक है कि सचिवालय प्रशासन द्वारा दिया गया स्टाफ व वाई श्रेणी की सुरक्षा ने और खर्चा बढ़ा रखा है। इस समय साल भर में पचास लाख रुपए से ज्यादा का पेट्रोल पूर्व मुख्यमंत्रियों की गाड़ी के धुंए में उड़ रहा है।
उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधा व सुरक्षा
राज्य संपत्ति की तरफ से आजीवन आवास की सुविधा, चालक समेत दो वाहन, असिमित पेट्रोल। सचिवालय प्रशासन की तरफ से एक निजी सचिव व एक अनुसेवक। गृह विभाग की तरफ से वाई श्रेणी की सुरक्षा होती है।
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आवास की सुरक्षा के लिए एक हैड कांस्टेबल व चार कांस्टेबल की गार्द, बॉडीगार्ड के लिए दो पीएसओ (पर्सनल सिक्यूरिटी ऑफिसर) होते हैं। इन सबकी डयूटी हर आठ घंटे में बदलती है।
अन्य राज्यों की स्थिति
- हिमाचल में पेंशन व चिकित्सा की स्थिति स्पष्ट नहीं, सरकारी वाहन भी नहीं लेकिन निजी वाहन पर लालबत्ती की सुविधा। सुरक्षा पुलिस रिपोर्ट के आधार पर और अतिथि गृहों में प्रवास की सुविधा कैबिनेट मंत्री के अनुरूप।
- हरियाणा में आवास, वाहन, सुरक्षा, स्टाफ व अतिथि गृहों में निशुल्क प्रवास की सुविधा अनुमन्य नहीं।
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- पंजाब में आवास, सुरक्षा, स्टाफ की सुविधा नहीं, चंडीगढ़ विधायक हॉस्टल में 24 घंटे के लिए प्रवास की सुविधा 100 रुपए में, चिकित्सा का खर्च वास्तविक व्यय पर।
- दिल्ली में पेंशन है शेष कोई सुविधा अनुमन्य नहीं है।
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- झारखंड में पद त्याग से एक माह तक निशुल्क व अगले दो माह तक स्टैंडर्ड दर पर आवास की सुविधा, वाहन अनुमन्य नहीं, सुरक्षा पुलिस रिपोर्ट के आधार पर।