फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Expelled women of AIIMS rishikesh climb on water tank threatened to jump from tank

एम्स ऋषिकेश में बहाली की मांग को लेकर दो महिला कर्मी पानी की टंकी पर चढ़ीं, प्रशासन के हाथ-पैर फूले

Fri, 26 Apr 2019 11:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 26 Apr 2019 11:07 PM IST
विज्ञापन
Expelled women of AIIMS rishikesh climb on water tank threatened to jump from tank
पानी की टंकी पर चढ़ीं महिला कर्मी - फोटो : अमर उजाला

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश से निष्कासित दो महिला कर्मचारी बहाली की मांग के लिए शुक्रवार की सुबह पांच बजे रेलवे स्टेशन जीआरपी चौकी के समीप पानी की टंकी पर चढ़ गई। इस दौरान अन्य अनशनकारियों ने एम्स प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली तो प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह एक नहीं मानीं। 

विज्ञापन


आखिरकार रात नौ बजे एसडीएम प्रेमलाल के आश्वासन के बाद टंकी पर चढ़ीं दोनों निष्कासित कर्मी नीचे उतरीं, जहां मेयर अनिता ममगाईं ने जूस पिलाकर उन्हें जल्द बहाली का आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि बहाली की मांग को लेकर कर्मियों की शनिवार को 11 बजे एम्स निदेशक के साथ बैठक करवाई जाएगी।
विज्ञापन


घटनास्थल पर पहुंचे एम्स के डिप्टी डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता और जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। यहां लोगों ने उनके साथ धक्का मुक्की की। किसी तरह पुलिस ने उन्हें लोगों की चुंगल से छुड़वाया। इससे पहले बीती 15 अप्रैल की सुबह 55 वर्षीय बुजुर्ग दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर पांचवीं मंजिल पर चढ़ गए थे, जिन्हें आश्वासन देकर नीचे उतारा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


घटनाक्रम के अनुसार बहाली की मांग को लेकर निष्कासित महिलाकर्मी कंचन और मनीषा पानी की टंकी पर चढ़ गई। करीब सवा आठ बजे जब घटना की जानकारी तहसीलदार रेखा आर्य को मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंच गई। उन्होंने आंदोलनकारियों से टंकी पर चढ़कर जान जोखिम में डालने को सही कदम नहीं ठहराया। उन्होंने उनसे उतरने की बात कही, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने और बार-बार टंकी से कूदने की धमकी देने लगीं। करीब साढ़े 10 बजे उप जिलाधिकारी प्रेमलाल आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचे। काफी मनाने के बाद भी आंदोलनकारी नहीं माने तो उन्होंने जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को इसकी जानकारी दी। 

आंदोलनकारियों और कोतवाल के बीच नोकझोंक

घटना के बाद शाम को एम्स के डिप्टी डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता और जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने आंदोलनकारियों को एम्स के डायरेक्टर प्रो. रविकांत से मुलाकात करने के लिए सिर्फ पांच लोगों को ही जाने को कहा। इस पर आंदोलनकारियों ने उन्हें यह कहकर साफ मना कर दिया कि एम्स के डायरेक्टर को यहां आना होगा।

वह कहीं नहीं जाएंगे। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर और पीआरओ वहां से जैसे ही जाने लगे तभी आंदोलनकारियों और भाजपा नेता ज्योति सजवाण, पार्षद राजेंद्र बिष्ट और कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, जितेंद्र पाल पाठी आदि ने उन्हें पकड़ कर बंधक बना लिया। इस दौरान पीएससी जवानों और आंदोलनकारियों के बीच हाथापाई और गहमागहमी होने लगी। 

मामला गंभीर होते देख कोतवाल रितेश शाह भी भीड़ में आ धमके। इस दौरान आंदोलनकारियों और कोतवाल के बीच भी नोकझोंक देखने को मिली। किसी तरह उन्होंने एम्स के डिप्टी डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता और जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल को बाहर निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला पुलिस के वाहन के पीछे भी दौड़े। पुलिस दोनों को सीओ आफिस ले जाने में सफल रही।

एम्स प्रशासन पर लगाए आरोप 

बहाली की मांग को लेकर टंकी पर चढ़ी कंचन और मनीषा ने तीन बार एम्स प्रशासन के नाम लेटर भिजवाया। पहले लेटर पुलिस के नाम करीब सवा सात बजे आया, जिसमें लिखा था कि अगर कोई भी टंकी पर चढ़कर उन्हें बचाने की कोशिश करेगा तो वह टंकी से कूद जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी एम्स प्रशासन और डायरेक्टर प्रो. रविकांत की होगी। दूसरा पत्र सवा आठ बजे करीब आया। यह भी पुलिस के नाम ही था इसमें लिखा गया था कि पूर्व में एम्स के पांचवें मंजिल में बहाली की मांग को लेकर दाताराम ममगाईं चढ़े थे। उन्हें झूठा आश्वासन देकर नीचे उतारा गया था। अब वह झूठे आश्वासन पर नीचे नहीं आने वाली हैं। तीसरा लेटर करीब आठ बजकर 40 मिनट पर आया, जिसमें तहसीलदार रेखा आर्य को झूठा आश्वासन दिए जाने की बात लिखी हुई थी। 

एम्स प्रशासन मुर्दाबाद के लगे नारे
आउटसोर्सिंग संघर्ष मोर्चा के दीपक रयाल ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक निकाले गए सभी कर्मचारियों को एम्स प्रशासन बहाल नहीं कर लेता। टंकी पर चढ़ी दो महिलाकर्मियों के समर्थन में टंकी की निचली सीढ़ियों पर राधा राणा, मोनिका, प्रतिभा, साधना, ममता, शिवानी, सरिता, पूजा, सुमन वर्मा, शोभा चौहान, लक्ष्मी नेगी, राजबाला, अनिता भंडारी, सरवेश्री, प्रतिभा बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन मुर्दाबाद, हमारी मांगे पूरी करो, आदि नारे जमकर लगाए।

निशाने पर थी आदर्श नगर स्थित पानी की टंकी

आंदोलनकारियों ने बताया कि टंकी पर चढ़ी दोनों महिलाकर्मियों ने आदर्श नगर स्थित पानी की बड़ी टंकी पर चढ़ने का निर्णय लिया था। लेकिन वहां गेट पर ताला लगा होने के कारण वह टंकी पर नहीं चढ़ पाई। इसके बाद उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर पर जीआरपी चौकी के समीप स्थित पानी की टंकी की ओर रुख किया। यहां कोई गेट और ताला न लगा होने के कारण वह आसानी से इस पर सुबह के करीब पांच बजे चढ़ गए। 
 
धरने पर थी पत्नी, पति को भी निकाला 
बीती 15 अप्रैल की सुबह साढ़े छह बजे एम्स के पांचवीं मंजिल पर 55 वर्षीय बुजुर्ग दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर चढ़े थे। तभी नीचे शुक्रवार को पानी की टंकी पर चढ़ी मनीषा भी धरना दे रही थी। तभी एम्स ने लैब असिस्टेंट के पद पर तैनात उनके पति सतीश चंचल को भी निकाल दिया। तभी से पत्नी और पति दोनों ही बेरोजगार हो गए। इस बात से मनीषा बहुत ही परेशान चल रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed