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एक्सक्लूसिव: दवा विक्रेताओं को भी लेना होगा फूड लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा विभाग भेज रहा दुकानदारों को नोटिस

Sun, 28 Feb 2021 12:47 PM IST
अलका त्यागी मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Feb 2021 12:47 PM IST
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Exclusive: Medicine Dealers will also have to take food license in Uttarakhand now
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड में अब दवा बेचने वालों और केमिस्ट संचालकों को भी अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस बनाना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नए नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

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विभाग का कहना है कि दवा की दुकानों पर बिकने वाले सेरेलेक, ग्लूकोज, दूध पाउडर, विभिन्न न्यूट्रीशियन और हेल्थ सप्लीमेंट फूड की श्रेणी में आते हैं। इस स्थिति में इन्हें सार्वजनिक तौर पर बेचे जाने के लिए फूड लाइसेंस का होना आवश्यक है। दवा विक्रेता भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की वेबसाइट पर ऑनलाइन लाइसेंस बनवा सकते हैं।
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दून केमिस्ट होलसेल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा और दून रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत मल्होत्रा ने बताया कि नए आदेशों के तहत फूड लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। इस बारे में सभी दवा विक्रेताओं को अवगत भी कराया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में दवा विक्रेताओं को ड्रग लाइसेंस के साथ-साथ फूड लाइसेंस बनाने के लिए भी विभागों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। क्योंकि हर दवा विक्रेता ऑनलाइन लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया नहीं जानते हैं। इस संबंध में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी गणेश कंडवाल ने बताया कि दवा विक्रेताओं को इस बारे में नोटिस भेजे जा रहे हैं।

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हलवाइयों को भी बनाना होगा फूड लाइसेंस

नए नियमों के तहत धार्मिक आयोजन, लंगर के अलावा शादी-ब्याह जैसे समारोह में भोजन और मिठाई आदि बनाने के लिए भी हलवाई को फूड लाइसेंस बनाना होगा। इसके लिए उन्हें आवेदन करने पर एक दिन का फूड लाइसेंस जारी किया जाता है। जबकि नियमित तौर पर हलवाई का कार्य करने वाले दुकानदारों को स्थायी फूड लाइसेंस बनवाना होता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने भोजन व मिष्ठान की गुणवता और कई बार इससे होने वाली फूड प्वाइजनिंग की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है।

इससे शादी व्याह में खाना बनाने वाले हलवाइयों को दिक्कत आएगी। विभाग को इसकी प्रक्रिया सरल करनी चाहिए। ऐसे में फूड लाइसेंस लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
-अनिल रावत

हमारा रेस्टोरेंट के साथ ही हलवाई का भी काम है। इसलिए रेस्टोरेंट के लिए तो फ़ूड लाइसेंस बनाया हुआ है। अगर फूड लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया सरल हो तो इसमें कोई समस्या नहीं आनी चाहिए।
-अरविंद जायसवाल

शादी विवाह के लिए फूड लाइसेंस संबंधित परिवार द्वारा बनाया जाना चाहिए। असंगठित क्षेत्र के हलवाई के पास इतना न तो समय है और न ही विभागीय ज्ञान की वह ऑनलाइन लाइसेंस बनाए या दफ्तरों के चक्कर काट सकें।
-घला सिंह

कई लोग शादी ब्याह में साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते। फूड लाइसेंस बनाने के बाद इसकी क्या गारंटी है कि वह साफ सफाई का ध्यान रखेंगे। यह काम सिर्फ लाइसेंस बनाने तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसकी जांच भी होनी चाहिए।
-लाल सिंह

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