सेना से रिटायर होने पर भी नहीं छूटा देश प्रेम, देश सेवा के लिए निकाला ये रास्ता
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सेना से रिटायर होने के बाद भी भारत माता के इस लाल ने देश प्रेम के जज्बे को जिंदा रखने के लिए एक अनोखा रास्ता ढूंढ निकाला है।
उत्तरकाशी जिले में एक व्यक्ति ऐसा भी है। जो न सिर्फ दूसरों के काम आ रहा है बल्कि अपने अनुभव से वह युवाओं को देश सेवा के लिए भी तैयार कर रहा है।
चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के गढ़वाल गाड़ गांव निवासी बिशन सिंह कोटवाल वर्ष 1998 में गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। वर्ष 2003 में लेबनान में वह अंतरराष्ट्रीय शांति सेना का हिस्सा भी रहे।
युवाओं को सेना का नि:शुल्क प्रशिक्षण देते हैं
अपनी 17 साल की सेवा पूरी करने के बाद बिशन सिंह कोटवाल 31 अक्तूबर 2015 को 10 बटालियन गढ़वाल राइफल से नायक के पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए हैं।
उसके बाद उन्होंने युवाओं को फौज के लिए तैयार करने का बीड़ा उठाया और चिन्यालीसौड़ में जय जवान फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया। जहां वह युवाओं को सेना का नि:शुल्क प्रशिक्षण देते हैं।
पिछले एक साल में अभी तक 150 युवा अभी तक उनकी देखरेख में फौज में भर्ती हो चुके हैं। विगत डेढ़ माह से उनका एक 60 युवाओं का ट्रेनिंग कैंप चल रहा था। यह 60 सदस्यीय दल गौचर में आयोजित सेना भर्ती के लिए रवाना हो गया है।
गरीब लड़कों को फौज के लिए तैयार करने का बीड़ा उठाया
बिशन सिंह कोटवाल बताते हैं कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सोचा कि उनका जो अनुभव है, उसे वे युवाओं को देंगे।
इसलिए उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से गांव के गरीब लड़कों को फौज के लिए तैयार करने का बीड़ा उठाया है। जब भी कहीं सेना भर्ती की तारीख निश्चित होती है, तो इससे डेढ़ माह पूर्व वह प्रशिक्षण कैंप शुरू कर देते हैं।
कैंप के दौरान वह युवाओं को फिजिकल फिटनेस, रेस, पीटी आदि का प्रशिक्षण देते हैं। बिशन सिंह का कहना है कि जब तक उनका शरीर साथ देगा, तब तक वह युवाओं का साथ देंगे।