फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Everester search High Altitude Trekking Route during shivling peak climbing

शिवलिंग पीक की परिक्रमा के दौरान एवरेस्टर ने खोज निकाले 'गणेश' और 'पार्वती', देखकर नहीं कर पाए यकीन

Thu, 27 Sep 2018 08:00 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Thu, 27 Sep 2018 08:00 AM IST
विज्ञापन
Everester search High Altitude Trekking Route during shivling peak climbing
shivling peak

वर्षों इंतजार और कठोर परिश्रम के बाद एवरेस्टर विश्वेश्वर सेमवाल व उनके दल ने शिवलिंग पीक की परिक्रमा पूरी कर एक नया हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग रूट खोज निकाला है। ग्यारह दिवसीय अभियान में दल ने गंगोत्री पर्वत श्रृंखला के इस अनछुए हिस्से में कई नए पड़ाव खोज निकाले हैं, जिन्हें भगवान शिव के सम्मान में पार्वती कैंप, गणेश कैंप आदि नाम दिए गए हैं। दल की इस खोज से गंगोत्री क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर की तर्ज पर शिवलिंग की परिक्रमा यात्रा के मार्ग भी खुल गए हैं। 

विज्ञापन


बता दें कि विगत 15 सितंबर को स्नो स्पाइडर ट्रैक एंड टूर के संयोजक एवरेस्टर विश्वेश्वर सेमवाल के नेतृत्व में निर्मल सिंह भांवली, शैलेष सेमवाल व प्रेम सिंह ने शिवलिंग पीक की परिक्रमा का अभियान शुरू किया था। दल गंगोत्री से भोजवासा, गोमुख होते हुए तपोवन पहुंचा, यहां से यात्रा आरंभ कर दल कीर्ति ग्लेशियर व एडवांस बेस कैंप होते हुए 4745 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा।
विज्ञापन


इस स्थान को दल ने भगवान शिव के सम्मान में पार्वती कैंप का नाम दिया। इस स्थान से कुछ आगे चलते ही दल को दूध के समान सफेद जल धारा दिखी, जिसे दूध गंगा नाम दिया गया। यहां से छोटे बड़े हिमखंडों को पार कर दल 21 सितंबर को 5600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अंतिम पड़ाव पर पहुंचा, जिसे गणेश कैंप नाम दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

चारों धामों का केंद्र है माउंट शिवलिंग 

Everester search High Altitude Trekking Route during shivling peak climbing
shivling peak

इस स्थान पर पहुंचते ही मौसम ने करवट बदल ली और लगातार 82 घंटों तक भारी बर्फबारी होने से अगले चार दिनों तक दल इसी स्थान पर फंसा रहा। हालांकि मौसम खुलते ही दल ने परिक्रमा के सबसे ऊंचे स्थान 5700 मीटर की रेकी कर अभियान को पूरा कर लिया।

बुधवार को उत्तरकाशी पहुंचने पर विश्वेश्वर सेमवाल ने बताया कि इस अभियान के लिए वह बीते छह-सात वर्षों से तैयारी कर रहे थे, लेकिन बजट के अभाव में उन्हें पीछे हटना पड़ रहा था। हालांकि कड़े परिश्रम के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार सहयोग करे तो इस परिक्रमा यात्रा को कैलाश मानसरोवर की तर्ज पर संचालित किया जा सकता है, जिससे जिले के पर्यटन को मजबूती मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि आज बृहस्पतिवार को देहरादून में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के नेतृत्व में दल का फ्लैग इन समारोह आयोजित होगा। 

चारों धामों का केंद्र है माउंट शिवलिंग 
उत्तरकाशी। एवरेस्टर विश्वेश्वर सेमवाल के मुताबिक माउंट शिवलिंग उत्तराखंड के चारों धामों के मध्य में स्थित है। कंटूर मैपिंग तकनीक से किए गए सर्वे के अनुसार शिवलिंग से केदारनाथ और बदरीनाथ की हवाई दूरी 11 किमी है। जबकि गंगोत्री धाम की 9 किमी व यमुनोत्री धाम की 19 किमी है, जिससे इस पर्वत की धार्मिक महत्ता भी बढ़ गई है। 
 

आध्यात्मिक शक्ति का हुआ अहसास 

Everester search High Altitude Trekking Route during shivling peak climbing
shivling peak

एवरेस्टर विश्वेश्वर सेमवाल ने बताया कि करीब 20 वर्षों के पर्वतारोहण करियर में उन्हें पहली बार आध्यात्मिक शक्ति का अहसास हुआ। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण में हमेशा तकनीक व दिमाग का प्रयोग होता है, लेकिन शिवलिंग पीक की परिक्रमा करते समय उन्हें साक्षात भगवान शिव की परिक्रमा करने का अहसास हुआ। शायद यही कारण रहा कि कई अड़चनों के बावजूद उनका अभियान सफल हो गया। इसी वजह से ट्रैक में पड़ने वाले स्थानों का नाम माता पार्वती व भगवान गणेश को समर्पित किया गया। 

कम अनुभवी लोग भी कर सकते हैं शिवलिंग परिक्रमा 
 प्रोफेशनल पर्वतारोहियों के साथ ही कम अनुभवी ट्रेकर भी शिवलिंग पीक की परिक्रमा कर सकते हैं। इस यात्रा पर पर्यटकों को रॉक क्लाइंबिंग, स्नो क्लाइंबिंग, ट्रेकिंग व माउंटेनियरिंग जैसे सभी एडवेंचर का एक साथ अनुभव मिल सकेगा।

पूरे ट्रैक रूट में कैंपिंग साइट व कई जल धाराएं होने के कारण पर्यटकों को बुनियादी सुविधाओं की भी कोई दिक्कत नहीं होगी। हालांकि खराब मौसम इस स्थान पर कई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed