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देहरादून: ट्रांसजेंडर समुदाय ने साझा की अपनी पीड़ा, कहा- ‘आज भी नहीं बदला हमारे लिए लोगों का नजरिया’
Sun, 16 Jan 2022 12:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:28 PM IST
सार
ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने अपनी पीड़ा शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में साझा की।
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ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
‘आज भी लोगों का नजरिया हमारे लिए नहीं बदला है, हम पर फब्तियां कसना, हंसी उड़ाना, कभी गाली के तौर पर हिजड़ा या छक्का या कुछ और कहकर चिढ़ाना। हमें कभी भी सामान्य महसूस नहीं होने दिया जाता। समाज और अपनों के भेदभाव से हम आज भी जूझ रहे हैं।’
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ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने अपनी पीड़ा शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में साझा की। फोरगिवनेस फाउंडेशन सोसायटी की ओर से धर्मपुर में ट्रांसजेंडर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य की जागरूकता के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। स्नेहल ने बताया कि न तो वे शैक्षिक और न ही वित्तीय तौर पर आत्मनिर्भर होते हैं। उन्हें समाज में कितनी ज्यादतियां सहनी पड़ती हैं।
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हर तरह के शोषण से गुजरना पड़ता है। सुरभि ने कहा कि हम समाज का ही हिस्सा हैं और बस इतना चाहते हैं, कि समाज भी हमें अपना हिस्सा माने। सोसाइटी के संस्थापक एवं साइकेडेलिक डॉ. पवन शर्मा ने ट्रांसजेंडर को मानसिक तकनीक के कुछ गुर सिखाए और काउंसिलिंग के जरिए कड़वे अनुभवों और पुरानी यादों के बुरे प्रभावों से छुटकारा पाने की तरीके साधा किए।
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डॉ. पवन ने बताया कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की इनकी जरूरतों को जानना और उनके हल तलाशना आज बेहद जरूरी है। समाज भले ही इन्हें अपने में न गिने, लेकिन ये समाज का हिस्सा हैं और इन्हें इसी समाज में रहना है। इनके बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपनापन जरूरी है। डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि खुद में अपना कोई स्किल विकसित करने पर काम करें और रोजगार देने वाले बनें। इस अवसर पर भूमिका भट्ट शर्मा, एडवोकेट कुलदीप भारद्वाज, पूनम नोडियाल, विभा भट्ट, राहुल भाटिया और सागर डोगरा ने सहयोग दिया।