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Dehradun News: बैरागीवाला गांव में स्वामित्व योजना में हुई धांधली की नहीं हुई जांच
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Iग्रामीण तीन बार जिलाधिकारी से कर चुके हैं जांच की मांग, डीएम ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिएI
जिलाधिकारी के निर्देश के तीन माह बाद भी बैरागीवाला गांव में स्वामित्व योजना में हुई धांधली की जांच नहीं हुई है। इससे लोगों में आक्रोश है। उन्होंने फिर से डीएम को पत्र सौंपकर जांच की मांग की है। डीएम सोनिका ने एडीएम वित्त और एसडीएम विकासनगर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शहीद, अलताफ, साबिर, अनस ने आरोप लगाया कि योजना के तहत जो सूची तैयार की गई, उसमें व्यापक स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। महज ढाई से पांच बिस्वा तक स्वामित्व दिया जाना था, लेकिन मिलीभगत कर लोगों को आधा बीघा से लेकर ढाई बीघा तक स्वामित्व दे दिया गया। कुछ लोगों को दो-दो जगह स्वामित्व दिया गया है। मात्र एक वर्ष पूर्व बने मकान और दुकान का भी स्वामित्व दे दिया गया। कुछ ऐसे लोगों को भी स्वामित्व दिया गया है, जो गांव के निवासी नहीं हैं। एक प्रापर्टी डीलर को भी गलत तरीके से रास्ते के लिए स्वामित्व दिया गया है। एक व्यक्ति को खाली जमीन का स्वामित्व दिया गया है, जबकि उसका मकान पुश्तैनी जमीन पर बना है। कई बड़े काश्तकारों के नाम भी सूची में गलत तरीके से शामिल किए गए हैं। कहा कि इसे लेकर तीन बार डीएम से शिकायती करने पर वे तहसील प्रशासन को जांच के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन एक बार भी टीम जांच के लिए गांव नहीं पहुंची है। कहा, अपात्र लोगों को सूची से हटाकर पात्र लोगों को इसमें शामिल किया जाए।
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जिलाधिकारी के निर्देश के तीन माह बाद भी बैरागीवाला गांव में स्वामित्व योजना में हुई धांधली की जांच नहीं हुई है। इससे लोगों में आक्रोश है। उन्होंने फिर से डीएम को पत्र सौंपकर जांच की मांग की है। डीएम सोनिका ने एडीएम वित्त और एसडीएम विकासनगर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शहीद, अलताफ, साबिर, अनस ने आरोप लगाया कि योजना के तहत जो सूची तैयार की गई, उसमें व्यापक स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। महज ढाई से पांच बिस्वा तक स्वामित्व दिया जाना था, लेकिन मिलीभगत कर लोगों को आधा बीघा से लेकर ढाई बीघा तक स्वामित्व दे दिया गया। कुछ लोगों को दो-दो जगह स्वामित्व दिया गया है। मात्र एक वर्ष पूर्व बने मकान और दुकान का भी स्वामित्व दे दिया गया। कुछ ऐसे लोगों को भी स्वामित्व दिया गया है, जो गांव के निवासी नहीं हैं। एक प्रापर्टी डीलर को भी गलत तरीके से रास्ते के लिए स्वामित्व दिया गया है। एक व्यक्ति को खाली जमीन का स्वामित्व दिया गया है, जबकि उसका मकान पुश्तैनी जमीन पर बना है। कई बड़े काश्तकारों के नाम भी सूची में गलत तरीके से शामिल किए गए हैं। कहा कि इसे लेकर तीन बार डीएम से शिकायती करने पर वे तहसील प्रशासन को जांच के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन एक बार भी टीम जांच के लिए गांव नहीं पहुंची है। कहा, अपात्र लोगों को सूची से हटाकर पात्र लोगों को इसमें शामिल किया जाए।
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