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लाखों खर्च, सालभर से बंद पड़ी है मशीन
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उत्तराखंड जलविद्युत निगम के चीला पावर हाउस में 40 मेगावॉट की एक मशीन पिछले एक साल से बंद पड़ी है। मशीन की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मशीन को ठीक नहीं किया जा चुका है। मशीन न चलने से विद्युत निगम के साथ ही राज्य सरकार को भी लाखों की हानि हो रही है।
दरअसल, जल विद्युत निगम के 140 मेगावॉट के चीला पावर हाउस में एक साल पहले 40 मेगावॉट की एक मशीन का अचानक वाल्ब फ ट गया था। इससे पूरे पावर हाउस में पानी भर गया था और मशीन पूरी तरह से उखड़ कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पानी से अन्य मशीनों में भी खराबी आ गई थी। निगत ने अन्य मशीनों को ठीक करवा लिया, लेकिन 40 मेगावॉट की यह मशीन अभी तक खराब पड़ी हुई है। जबकि, यूजेवीएनएल मशीन की मरम्मत के लिए लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा मशीन का वाल्ब कैसे फटा, इसक ा भी अभी तक पता नहीं चल पाया है।
जबकि, इसकी जांच के लिए निगम की ओर से दो-दो जांच कमेटी गठित की गई थीं। उल्लेखनीय है कि यूजेवीएनएल हर साल मेंटीनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये जलविद्युत गृहों पर खर्च करता है, फिर भी इन विद्युत गृहों में स्थापित मशीनें खराब होती रहती हैं। ऐसे में यूजेवीएनएल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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वहीं, जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा का कहना है कि मशीन का मरम्मत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही यह मशीन काम करना शुरू कर देगी।
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दरअसल, जल विद्युत निगम के 140 मेगावॉट के चीला पावर हाउस में एक साल पहले 40 मेगावॉट की एक मशीन का अचानक वाल्ब फ ट गया था। इससे पूरे पावर हाउस में पानी भर गया था और मशीन पूरी तरह से उखड़ कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पानी से अन्य मशीनों में भी खराबी आ गई थी। निगत ने अन्य मशीनों को ठीक करवा लिया, लेकिन 40 मेगावॉट की यह मशीन अभी तक खराब पड़ी हुई है। जबकि, यूजेवीएनएल मशीन की मरम्मत के लिए लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा मशीन का वाल्ब कैसे फटा, इसक ा भी अभी तक पता नहीं चल पाया है।
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जबकि, इसकी जांच के लिए निगम की ओर से दो-दो जांच कमेटी गठित की गई थीं। उल्लेखनीय है कि यूजेवीएनएल हर साल मेंटीनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये जलविद्युत गृहों पर खर्च करता है, फिर भी इन विद्युत गृहों में स्थापित मशीनें खराब होती रहती हैं। ऐसे में यूजेवीएनएल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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वहीं, जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा का कहना है कि मशीन का मरम्मत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही यह मशीन काम करना शुरू कर देगी।