{"_id":"65eb6ef3cf7387a84f0aef66","slug":"even-after-repaying-the-loan-the-map-and-registry-of-his-dehradun-news-c-5-1-drn1032-367050-2024-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: लोन चुकाने पर भी नहीं दिया नक्शा और रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: लोन चुकाने पर भी नहीं दिया नक्शा और रजिस्ट्री
विज्ञापन
Iसहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम से लिया था लोन, मुकदमा दर्ज
I
I
I
Iकर्मचारियों ने लोन की रकम तो ली, लेकिन मुख्यालय नहीं भेजीI
सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम ने एक व्यक्ति को लोन चुकाने के बाद भी उनके मकान का नक्शा और रजिस्ट्री वापस नहीं की। व्यक्ति जब हर जगह शिकायत कर हार गया तो उसने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाने में निगम के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसओ वसंत विहार महादेव उनियाल ने बताया कि इस मामले में श्रीराम पुरम कॉलोनी निवासी महावीर प्रसाद त्यागी ने शिकायत की थी। उन्होंने 1998 में प्रबंधक सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम देहरादून शाखा से 2.60 लाख रुपये का अपने मकान को गिरवी रखकर लोन लिया था। लोन की अवधि बीस साल थी। लोन देते वक्त उनके मकान की मूल रजिस्ट्री और मानचित्र जमा करवा लिया गया। पीड़ित ने कहा कि उन्होंने छह दिसंबर 2012 तक लोन ब्याज समेत चुका दिया। इसके बाद पीड़ित ने अपनी रजिस्ट्री और मानचित्र की मूल प्रति वापस मांगी। दून शाखा के कर्मचारी ने कहा कि इतनी जल्दी क्या है। उनके दस्तावेज मिल जाएंगे।
इस तरह कई साल तक चक्कर कटाए गए। बाद में पीड़ित को पता लगा कि स्थानीय कर्मचारियों ने लोन की रकम उनसे लेकर उसे लखनऊ स्थित मुख्यालय नहीं भेजा। इसलिए वहां से दस्तावेज देने के बजाए रिकवरी निकाल दी गई। तब पीड़ित ने अपनी लोन जमा करने की रसीद दिखाई। इस पर भी पीड़ित को निगम में नहीं सुना गया। पीड़ित ने 2018 में वसंत विहार थाने में शिकायत दी। तब केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस अफसरों ने भी नहीं सुना। कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाना पुलिस ने निगम के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, वर्तमान शाखा प्रबंधक, प्रबंधक निदेशक, लिपिक योगेंद्र सिंह खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
I
I
I
Iकर्मचारियों ने लोन की रकम तो ली, लेकिन मुख्यालय नहीं भेजीI
सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम ने एक व्यक्ति को लोन चुकाने के बाद भी उनके मकान का नक्शा और रजिस्ट्री वापस नहीं की। व्यक्ति जब हर जगह शिकायत कर हार गया तो उसने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाने में निगम के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसओ वसंत विहार महादेव उनियाल ने बताया कि इस मामले में श्रीराम पुरम कॉलोनी निवासी महावीर प्रसाद त्यागी ने शिकायत की थी। उन्होंने 1998 में प्रबंधक सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम देहरादून शाखा से 2.60 लाख रुपये का अपने मकान को गिरवी रखकर लोन लिया था। लोन की अवधि बीस साल थी। लोन देते वक्त उनके मकान की मूल रजिस्ट्री और मानचित्र जमा करवा लिया गया। पीड़ित ने कहा कि उन्होंने छह दिसंबर 2012 तक लोन ब्याज समेत चुका दिया। इसके बाद पीड़ित ने अपनी रजिस्ट्री और मानचित्र की मूल प्रति वापस मांगी। दून शाखा के कर्मचारी ने कहा कि इतनी जल्दी क्या है। उनके दस्तावेज मिल जाएंगे।
विज्ञापन
इस तरह कई साल तक चक्कर कटाए गए। बाद में पीड़ित को पता लगा कि स्थानीय कर्मचारियों ने लोन की रकम उनसे लेकर उसे लखनऊ स्थित मुख्यालय नहीं भेजा। इसलिए वहां से दस्तावेज देने के बजाए रिकवरी निकाल दी गई। तब पीड़ित ने अपनी लोन जमा करने की रसीद दिखाई। इस पर भी पीड़ित को निगम में नहीं सुना गया। पीड़ित ने 2018 में वसंत विहार थाने में शिकायत दी। तब केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस अफसरों ने भी नहीं सुना। कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाना पुलिस ने निगम के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, वर्तमान शाखा प्रबंधक, प्रबंधक निदेशक, लिपिक योगेंद्र सिंह खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन