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Dehradun News: मानक पूरा करने के बाद भी नहीं मिल रहा नगर पालिका का दर्जा

Sun, 27 Aug 2023 12:56 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 12:56 AM IST
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Even after fulfilling all the criteria of category one,
कर्मचारियों का वेतन देने तक सीमित सेलाकुई नगर पंचायत को मिल रही ग्रांट
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विकासनगर और हरबर्टपुर से अधिक आबादी और क्षेत्रफल होने के बावजूद नहीं हुआ उच्चीकरण
श्रेणी एक के सभी मानक पूरे करने के बाद भी सेलाकुई को नगर पालिका का दर्जा नहीं मिल पा रहा है। नगर पंचायत को मिलने वाली ग्रांट की अधिकांश धनराशि कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो रही है। यही कारण है कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
20 नवंबर 2015 में सेलाकुई को नगर पंचायत का दर्जा मिला था। वर्ष 2019 में हाईकोर्ट के रोक के बाद नगर पंचायत के गठन का मामला अधर में लटक गया था। हालांकि हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वर्ष 2021 में नगर पंचायत के गठन की प्रकिया शुरू हुई।मौजूदा समय में नगर पंचायत की आबादी 50 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है।
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वहीं नगर पंचायत का क्षेत्रफल भी 12.84 वर्ग किलोमीटर है, जबकि विकासनगर की मौजूदा आबादी करीब 30 हजार है और क्षेत्रफल 9.33 वर्ग किलोमीटर है। हरबर्टपुर की आबादी करीब 16 हजार है और क्षेत्रफल 3.82 वर्ग किलोमीटर है। इन दोनों ही निकायों के पास नगरपालिका का दर्जा है।
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सेलाकुई नगर पंचायत का क्षेत्रफल और आबादी हरबर्टपुर से चार गुना और विकासनगर से डेढ़ गुना अधिक है। वहीं क्षेत्र में 500 से करीब छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाई भी हैं। औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों की दैनिक अस्थायी जनसंख्या भी है।

मौजूदा समय में नगर पंचायत सेलाकुई को 62 लाख की रुपये की ग्रांट मिल रही है। क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से यहां नगर पालिका के बराबर कर्मचारियों की जरूरत है। नगर पंचायत को मिलने वाली ग्रांट कर्मचारियों के वेतन में चली जा रही है।



वेतन के बाद शेष बचने वाली धनराशि को विकास कार्यों में खर्च किया जाता है, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। नगर पंचायत प्रशासन निकाय के उच्चीकरण के लिए लगातार शासन को प्रस्ताव भेज रहा है, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पा रही है।


स्थानीय निवासी कर रहे उच्चीकरण की मांग

राज्य आंदोलनकारी शूरवीर सिंह चौहान, पूर्व प्रधान विजयपाल सिंह, बर्तवाल, अरुण प्रकाश भट्ट, माया नेगी, ममता ठाकुर, सुमति देवी आदि ने कहा कि क्षेत्रफल और आबादी की जरूरत के हिसाब से सेलाकुई को नगर पंचायत का दर्जा मिलना चाहिए। क्षेत्र में सफाई, फॉगिंग, कीटनाशक दवाओं के छिड़काव, सड़कों, नालियों के निर्माण, पथ प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्यों की मांग को पूरा करने के लिए नगर पंचायत का ढांचा और मिलने वाली सुविधाएं पर्याप्त नहीं है। वहीं विधायक प्रतिनिधि अनिल नौटियाल ने बताया कि हाल में एक कार्यक्रम में उन्होंने नगर पंचायत के उच्चीकरण को लेकर शहरी विकास मंत्री को प्रस्ताव भेजा था। कहा कि निकाय का उच्चीकरण होना चाहिए।



शासन को उच्चीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा है। निकाय का उच्चीकरण होगा तो ग्रांट भी दोगुनी हो जाएगी। अभी ग्रांट कम होने से अधिकांश धनराशि कर्मचारियों के वेतन में चली जाती है, जिससे विकास कार्यों के लिए काफी कम बजट बच जाता है। - एमएल शाह, अधिशासी अधिकारी
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