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Teachers Day 2021: 10 साल बाद भी जांबाज शिक्षिका के परिवार को नहीं मिला इंसाफ, दो बच्चाें को बचाने में गई थी जान

Sun, 05 Sep 2021 09:52 AM IST
देहरादून ब्यूरो करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून
करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 05 Sep 2021 09:52 AM IST
सार

उफनती नदी में बहने से दो छात्रों को बचाने वाली दून की जांबाज शिक्षिका स्व. संगीता अग्रवाल के परिवार को 10 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिल पाया है। संगीता की बेटी मानसी अग्रवाल सरकार से लंबे समय से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी की मांग कर रही हैं।

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Teachers Day 2021: Even after 10 years, the family of the brave teacher did not get justice
सांकेतिक चित्र

विस्तार

रविवार को देशभर में पहले उप-राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस दिन शिक्षकों के प्रयासों और उनकी मेहनत को हर कोई सलाम करेगा, लेकिन अपनी जान देकर उफनती नदी में बहने से दो छात्रों को बचाने वाली दून की जांबाज शिक्षिका स्व. संगीता अग्रवाल के परिवार को 10 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिल पाया है।

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संगीता की बेटी मानसी अग्रवाल सरकार से लंबे समय से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी की मांग कर रही हैं।

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दो छात्रों की जान बचाते हुए संगीता का निधन हो गया था
स्व. संगीता अग्रवाल दून के हल्दूवाला के प्राधमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। 2011 में स्कूल से लौटते वक्त उफनती नदी में फंसे दो छात्रों की जान बचाते हुए संगीता का निधन हो गया। इस साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया।

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सालों बीत जाने के बाद भी मानसी को नौकरी नहीं मिल पाई

उत्तराखंड सरकार की ओर से संगीता के जीवन पर उत्तराखंड के जांबाज नामक फिल्म भी बनाई गई। सरकार की ओर से घोषणा भी की गई कि संगीता की पुत्री के बालिग होने के बाद मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी दी जाएगी, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी मानसी को नौकरी नहीं मिल पाई है।

कई बार मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक से मिल चुके हैं
सालावाला निवासी मानसी के पिता संजीव अग्रवाल ने बताया कि बेटी की नौकरी के संबंध में वह कई बार मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें खाली आश्वासन ही मिलता है।

संजीव ने बताया कि हाल ही में उन्होंने युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात की थी। इस पर उन्होंने शिक्षा सचिव को मानसी को सेवायोजित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी भी इस संबंध में शासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। मानसी ने दून के एक निजी विवि से स्नातक की पढ़ाई की है।
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