नोटबंदी से हुआ कितना नुकसान, हिसाब करेगी उत्तराखंड सरकार
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उत्तराखंड सरकार नोटबंदी के कारण पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों का अध्ययन कराएगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके लिए मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी नोटबंदी से सरकार को हुए नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सोमवार को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बीजापुर गेस्ट हाउस में बैठक में यह निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि नोटबंदी के चलते राजस्व वसूली में कमी आई है। ऐसे में सरकार को कितना नुकसान हुआ और इसके क्या-क्या प्रभाव सामने आ रहे हैं प्रदेश सरकार इसका आकलन कराने जा रही है।
उच्च स्तरीय कमेटी इसके विपरीत प्रभावों को कम करने के उपायों पर भी विचार विमर्श करेगी। उच्च स्तरीय समिति में वित्त, कृषि, व्यापार कर, पर्यटन, राजस्व, स्वास्थ्य, परिवहन समेत कई अन्य विभागों के प्रमुख सचिवों व सचिवों को शामिल किया गया है।
आर्गेनिक मीट विपणन बोर्ड का होगा गठन
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि जैविक मांस को बढ़ावा दिया जाए। बता दें कि जैविक चारे को खिलाकर बड़े किए गए पशु के मांस को जैविक मांस कहते हैं।
सीएम ने अफसरों से कहा कि वे इस संबंध में जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। जैविक मांस के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए आर्गेनिक मीट विपणन बोर्ड का गठन करने के लिए कहा गया।
कहा गया कि जैविक मांस की अधिक कीमत मिलने से विशेष तौर पर बकरी पालन को लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे राज्य में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।